बड़ा खुलासा: प्लानिंग के तहत हुआ बेंगलुरु दंगा, चुन-चुन कर हिन्दुओं को बनाया गया निशाना

कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात दंगे और आगजनी का भीषण नज़ारा देखने को मिला। 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। इस दंगे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। अब इस दंगे को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है, जी हाँ! ये दंगा एकाएक नहीं बल्कि पूरी प्लानिंग के तहत हुआ।

इंडिपेंडेंट फैक्ट फाइंडिंग समिति ने बेंगलुरू के डीजे हल्ली और केजी हल्ली क्षेत्रों में घातक दंगों का शिकार होने के बावजूद बच निकले कुछ हिंदू लोगों की गवाही से यह पता लगाया है कि बेंगलुरु में हुए दंगे पूर्व नियोजित थे, जिसमें जानबूझकर कर हिंदुओं और उनके घरों और वाहनों को निशाना बनाया गया था। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को सौंपी गई है।

टाइम्स नाउ की एक रिपोर्ट में, बचे हुए लोगों में से एक का दावा है कि उन्हें उर्दू में चेतावनी देते हुए कहा गया था कि वे अपने घरों के अंदर चले जाएँ वरना वे मारे जाएँगे। दंगे में सही सलामत बचे व्यक्ति का कहना है कि दंगों के दौरान, मुसलमानों की किसी भी कार जिसमें चाँद या HKGN (हज़रत ख्वाजा ग़रीब नवाज़) का प्रतीक लगा था, उसपर हमला नहीं किया गया। हमला करने से पहले दंगाइयों ने सड़क पर खड़ी कारों के कवर तक को उठाकर यह पता लगाने की कोशिश की थी कि कार किसकी थी। हिन्दू की कार देखते ही आग लगा दिए।

उन्होंने कहा, “दंगाइयों ने खासकर उस जगह हमला किया था जहाँ सीसीटीवी नहीं लगे थे। इसका साफतौर यह मतलब हुआ कि दंगों में स्थानीय लोग शामिल थे, जिन्हें पहले से पता था कि सीसीटीवी कहाँ-कहाँ लगे है। दंगाइयों ने पहले से यह सुनिश्चित किया था कि केवल गैर-मुस्लिमों को ही निशाना बनाना है।

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