आशुतोष ने पढ़े “अकबर” की शान में कसीदे, दिल खोलकर की “मुगल आक्रांता” की तारीफ

मुग़ल आक्रांता अकबर जिसने भारतीय सभ्यता, संस्कृति को पूरी तरह से छिन्न-भिन्न कर दिया था उस क्रूर मुग़ल शासक के शान में पूर्व आप नेता आशुतोष ने कसीदे पढ़ें हैं, दिल खोलकर उस मुग़ल आक्रांता/आतंकी की तारीफ की है।

दरअसल उत्तर प्रदेश के आगरा में एक म्यूजियम बन रहा है जिसका नाम पहले मुग़ल म्यूजियम था लेकिन 14 सितंबर 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुग़ल म्यूजियम का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम रख दिया। जबसे मुग़ल म्यूजियम का नाम बदला गया है, तबसे मुग़ल प्रेमी बिलबिला गए हैं. इन सबके बीच आशुतोष गुप्ता भी मुग़लों की तारीफ करने सामने आ गए। बताते चलें कि ये वही आशुतोष हैं जिन्हें केजरीवाल ने राज्यसभा में नहीं भेजा जिसके बाद ‘आप’ पार्टी छोड़कर फिर से पत्रकारिता में लौट आये।

मुग़ल को महान बताते हुए आशुतोष ने कहा कि इस देश-दुनिया को अगर रामायण-महाभारत के बारें में जानकारी मिली तो वो अकबर के जमाने में मिली, आशुतोष के मुताबिक़, अकबर न होते तो भारत में ये हिन्दू ग्रन्थ ही न होते। आशुतोष ने कहा की – अकबर के कारण ही आज भारत में लोग महाभारत पढ़ते है, वरना कोई महाभारत पढ़ ही नहीं पाता।

मुग़ल आक्रांता की तारीफ करते हुए आशुतोष ने यह भी कहा कि अकबर जब सुबह उठते थे तो अपने महल के सबसे ऊँचे वाले हिस्से पर जाते थे और वहां से सूर्य को जल अर्पण करते थे. आशुतोष के इस कथन के बाद पत्रकार रोहित सरदाना ने उन्हें बेइज्जत करते हुए कहा कि मुझे नहीं पता कि आप उस समय अकबर के महल से लाइव रिपोर्टिंग कर रहे थे.

अकबर जैसे आक्रांता का गुणगान करना और उसे महान बताना उस महाराणा प्रताप की गौरव गाथा पर प्रश्न चिन्ह लगाना है जिन्होंने अपने धर्म की रक्षा के लिए भारतमाता की रक्षा के लिए, केसरिया झंडा के लिए घास की रोटियां खाई परन्तु मुगलों की दासता स्वीकार नहीं. लेकिन हिंदुस्तान में तुष्टीकरण और चाटुकारिता कब किससे क्या बुलवा जाए, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है.

ये वही लोग हैं जिन्हें हिंदुत्व के महाबली योद्धा महाराणा प्रताप को तो महान बोलने में शर्म आती है लेकिन हिंदुत्व की कालजयी संस्कृति को कुचलने वाले अकबर का गुणगान करते ये लोग थकते नहीं हैं।

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