आशुतोष ने किया नफरती ट्वीट, वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा- सावधान रहिये, ये दंडनीय अपराध है, सजा भी मिलेगी

नफरत फैलाने के लिए कुख्यात पूर्व आप नेता आशुतोष गुप्ता ने एक बार फिर NCRB की रिपोर्ट का हवाला देते हुए के नफरती व् जातिवादी मानसिकता से ग्रसित ट्वीट किया है, आशुतोष को जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा कि सावधान हो जाइये, ये दंडनीय अपराध है।

राजनीति में विफल होने के बाद फिर से पत्रकारिता जगत में वापसी करने वाले आशुतोष गुप्ता ने एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते सत्यहिंदी का आर्टिकल शेयर कर अपने ट्वीट में लिखा, जेलों में सबसे ज़्यादा क्यों क़ैद हैं आदिवासी, दलित, मुसलमान!

इस ट्वीट के जरिये आशुतोष यह साबित करना चाहते हैं कि जो जेलों में बंद है उनकी कोई गलती नहीं वो तो सिर्फ अपनी जाति और धर्म के कारण जेल में बंद हैं, अब इन्हें कौन समझाए कि जेल में वही जाएगा जो गलत कार्य करेगा और गलत कार्य करने वाले की न कोई जाति होती है और न ही कोई धर्म मजहब, ये थ्योरी भी यही आशुतोष जैसे लोग देते हैं लेकिन अब जानबूझकर एक विशेष समुदाय और जाति को जबरदस्ती पीड़ित दिखाने में जुटे हुए हैं।

अगर कोई मुस्लिम कहीं बम फोड़ता है, गाय को काटता है, बलात्कार करता है तो आशुतोष जैसे लोग कहते हैं उसको आरोपी की नजर से देखा जाय न कि उसके मजहब से. लेकिन अपना एजेंडा चलाने के लिए ये सब अपनी ही थ्योरी भूल जाते हैं.

आशुतोष गुप्ता को जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा ने कहा कि आपका ट्वीट अनुसूचित जाति/जनजाति और मुस्लमान को उकसाना वाला है, आप अपने ट्वीट से यह जताना चाह रहे हैं वो अपने जाति धर्म के कारण जेल में बंद हैं, आप नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा दे रहे हैं, भारतीय दंड सहिंता के तहत दंडनीय अपराध है और इस हेट स्पीच की सजा भी मिल सकती है.

loading...