6 महीनें के लिए जेल भेजे जा सकते हैं उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे, जानें पूरा मामला

सुशांत केस में और बीएमसी द्वारा कंगना रनौत का घर तोड़े जाने के बाद आलोचना झेल रहे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं, अब नया मामला उद्धव के जी का जंजाल बन गया है, इसमें आदित्य ठाकरे भी शामिल हैं जो इस समय महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री हैं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व् शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे पर चुनावी हलफनामे में संपत्ति और देनदारी की गलत और अधूरी जानकारी देने का आरोप है। इस मामले को लेकर चुनाव आयोग ने शिकायतों की जांच CBDT को सौंपी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और एनसीपी नेता सुप्रिया सुले पर लगे आरोपों की जाँच CBDT करेगी। अगर इन पर लगे आरोप सही साबित पाए जाते हैं तो तो रिप्रजेटेंशन ऑफ पीपल ऐक्ट की धारा 125 ए के तहत सीबीडीटी केस दर्ज किया जा सकता है। इस सेक्शन के तहत अधिकतम 6 महीने की जेल हो सकती है.

चुनाव आयोग की कार्रवाई करने को लेकर शिवसेना की तरफ से भी बयान सामने आया। उद्धव और आदित्य ठाकरे का हलफनामा दाखिल करने वाले शिवसेना नेता ने इसे रूटीन मूव बताया है।

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक़, शिकायतकर्ताओं ने अपने दावे कुछ सबूतों का हवाला दिया है, जिससे पता चलता है कि इन नेताओं के हलफनामे में लिखी गई डीटेल सही नहीं है। माना जा रहा है कि इसी वजह से चुनाव आयोग ने मामले को सीबीडीटी को भेजा है।

गौरतलब है कि चुनावी हलफनामे में एक उम्मीदवार अपनी आपराधिक पृष्ठभूमि, संपत्ति, देनदारी और शैक्षिक योग्यता का ब्योरा देता है। इसी में ठाकरे पिता-पुत्र ने गलती की है।

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