हाथरस केस में भड़काने गए थे AAP विधायक सौरभ भरद्वाज, दलितों ने धक्के मार मार कर भगाया

हाथरस के चंदपा क्षेत्र के बुलगाड़ी में कथित गैंगरेप की शिकार पीड़िता की मौत के बाद पूरे देश में गुस्सा है, लोगों की मांग है कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाय, वहीँ योगी सरकार ने मामलें की जाँच करने के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया है. इस मामलें में पर विपक्षी पार्टियों ने राजनीतिक रोटियां भी सेंकना शुरू कर दी हैं।

मंगलवार को दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में पीड़िता की मौत हो गई, पीड़िता की मौत पर राजनीतिक रोटी सेंकने के लिए कई पार्टियों के नेता मौके पर पहुंचे गए और धरना करने लगे, नारेबाजी करने लगे. परिवार को सांत्वना देने के बजाय राजनीतिक बातें करने लगे, इसी कड़ी में आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे और दलितों को भड़काने की कोशिश की, चूँकि पीड़िता दलित थी, मौके पर कई दलित संगठन भी पहुँच गए थे.

सौरभ भारद्वाज को लोग समझ गए की ये दुःख जताने नहीं बल्कि राजनितिक रोटी सेंकने आया है, इसके बाद वहां मौजूद दलितों ने आप विधायक को डपटकर भगाया, इसके बाद पिटाई के डरकर से सौरभ भारद्वाज वहां से रफूचक्कर हो गए, दिल्ली पुलिस ने पिटने से बचा लिया आप विधायक को. नीचे आप वीडियो देख सकते हैं।

आपको बता दें कि इस मामलें की जांच करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ( एसआईटी ) का गठन कर दिया है, एसआईटी सात दिनों बाद अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, इसके अलावा सीएम योगी ने आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं. हाथरस की घटना पर जांच हेतु तीन सदस्यीय SIT गठित की गई है जिसमें अध्यक्ष सचिव गृह श्री भगवान स्वरूप एवं श्री चंद्रप्रकाश, पुलिस उपमहानिरीक्षक व श्रीमती पूनम, सेनानायक पीएसी आगरा सदस्य होंगे। SIT अपनी रिपोर्ट 7 दिन में प्रस्तुत करेगी।

आपको बता दें कि दो हफ्ते पहले हाथरस में कथित तौर पर एक 19 वर्षीय लड़की के साथ 4 दरिंदों ने बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था, यही नहीं कथित तौर पर आरोपियों ने पीड़िता की जीभ काटकर गर्दन भी तोड़ दी थी, पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है. हालाँकि मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं हुई है, इसके अलावा हाथरस पुलिस ने खंडन करते हुए कहा कि न तो पीड़िता की जीभ काटी गई थी और न तो गर्दन तोड़ी गई थी.