मोदी सरकार ने ख़त्म किया कश्मीर से उर्दू का राज, हिंदी समेत इन 5 भाषाओँ को मिला आधिकारिक दर्जा

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद अब एक और दाग हमेशा के लिए मिटा दिया गया है, केंद्र सरकार ने हिंदी समेत 5 भाषाओं को आधिकारिक दर्जा देने का ऐलान किया है, इसके साथ ही 131 साल बाद कश्मीर में उर्दू का एकात्मक शासन समाप्त हो गया है।

उर्दू, अंग्रेजी, हिंदी, कश्मीरी और डोगरी भाषा को अब भौगोलिक और सामाजिक रूप से विविध क्षेत्रों में आधिकारिक भाषा का दर्जा मिल गया है। डोगरा शासक महाराजा प्रताप सिंह के शासनकाल के दौरान जम्मू और कश्मीर में उर्दू को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया था।

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली में जम्मू-कश्मीर में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, कश्मीरी और डोगरी को आधिकारिक भाषाओं के रूप में घोषित करते हुए कहा कि यह स्थानीय लोगों की मांग पर लिया गया एक बड़ा फैसला है।

पीएमओ में राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि पांच भाषाओं को आधिकारिक भाषा का दर्जा देकर न केवल लोगों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया गया है, बल्कि इसने समानता और विकास के एक नए युग की शुरुआत की है। राज्य के लोग उर्दू और हिंदी का उपयोग केवल आपस में संपर्क भाषा के रूप में करते रहे हैं।

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