निलंबित “AAP” पार्षद ताहिर हुसैन ने पूछताछ में किया खुलासा, PFI दफ्तर में रची गई दिल्ली दंगे की साजिश

नई दिल्ली, 2 अगस्त: बीते फ़रवरी महीनें में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे, इस दंगें में कई लोगों की ह्त्या की गई थी और सरकारी सम्पत्ति को जलाकर राख किया गया था, अब दिल्ली दंगे के मास्टरमाइंड और निलंबित “AAP” पार्षद ताहिर हुसैन ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है।

ताहिर हुसैन ने पहले तो खुद दंगें में शामिल होनें की बात कबूली, उसके बाद इसनें अपनें कबूलनामें में कहा कि खालिद सैफी और पीएफआई के साथ मिलकर हिंसा की साजिश रची। बताते चलें की पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इण्डिया ( पीएफआई ) एक कट्टर इस्लामिक संगठन है।

ताहिर हुसैन ने पूछताछ में बताया कि उसके जानकार खालिद सैफी ने उसे कहा कि तुम्हारे पास राजनीतिक पावर और पैसा दोनों है। ताहिर ने बताया कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद भी खालिद, ताहिर के पास आया था। उसने कहा कि इस बार अब हम चुप नहीं बैठेंगे। इसके बाद राम मंदिर और सीएए कानून पर भी फैसला आ गया। जिसके बाद ताहिर को लगा कि पानी सिर से ऊपर जा चुका है और कुछ कदम उठाना पड़ेगा।

ताहिर ने बताया कि 8 जनवरी को खालिद सैफी ने उसे जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से शाहीन बाग में पीएफआई के दफ्तर में मिलवाया। जहां उमर ने बोला कि वो मरने मारने को राजी है। वहीं खालिद सैफी ने कहा कि पीएफआई का एक सदस्य हिंसा के लिए आर्थिक मदद करेगा। ताहिर ने आगे बताया कि इसके बाद पीएफआई के दफ्तर में बैठकर सब ने प्लान बनाया। दफ्तर में तय किया गया कि दिल्ली में कुछ ऐसा किया जाएगा, जिससे सरकार हिल जाए। ताकि सरकार सीएए कानून वापस ले।

गौरतलब है की, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनॉल्ड ट्रम्प की भारत यात्रा के दौरान CAA के विरोध विरोध में दिल्ली दंगे हुए थे, दिल्ली पुलिस ने ताहिर हुसैन और उसके भाई शाह आलम सहित 15 लोगों को आरोपी बनाया गया है, दिल्ली पुलिस के मुताबिक़, दिल्ली में दंगे करानें के लिए ताहिर हुसैन ने 1 करोड़ 30 लाख रूपये खर्च किये थे।

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