सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की रेहाना फातिमा की जमानत याचिका, नग्न शरीर पर बच्चों से पेंटिंग बनवाई थी

साभार - ऑपइण्डिया

विवादित सामाजिक कार्यकर्ता रेहाना फातिमा को राहत नहीं मिली है, सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है, रेहाना फातिमा पर नाबालिक बच्चों से नग्न शरीर पर ड्राइंग कराने और फिर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के लिए मुकदमा दर्ज किया गया था।

रेहाना फातिमा की अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप सामाजिक कार्यकर्ता हैं तो क्या कोई भी बेतुकी हरकत करेंगी? बच्चों पर क्या असर पड़ेगा?

आपको बता दें कि कि, केरल में पथनमथिट्टा जिले के तिरुवल्ला पुलिस ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत रेहाना फातिमा और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 (गैर-जमानती अपराध के लिए यौन रूप से स्पष्ट सामग्री प्रसारित करना) मुकदमा दर्ज किया था।

रेहाना फातिमा ने 19 जून 2020 को ही यूट्यूब वीडियो फेसबुक पर शेयर किया था। इसमें उनके बेटे और बेटी को उनकी सेमी न्यूड बॉडी पर पेंटिंग करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ उन्होंने हैशटैग #BodyArtPolitics पोस्ट किया था। रेहाना के मुताबिक, यह वीडियो उन्होंने इसलिए बनाया था, ताकि महिलाएंँ सेक्स और अपने शरीर को लेकर ज्यादा खुल सकें, वो भी ऐसे समाज में जहाँ यह दोनों चीजें प्रतिबंधित हैं।

24 जुलाई को केरल हाईकोर्ट भी रेहाना फातिमा की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, इसकी बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया लेकिन सर्वोच्च न्यायलय से भी कोई राहत नहीं मिली।

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