कांग्रेस-चीन डील पर SC हैरान, CJI बोले- कभी नहीं सुना था कि एक पार्टी विदेशी सरकार से डील साइन करती है

नई दिल्ली, 7 अगस्त: भारत की कांग्रेस और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ 2008 में हुए समझौते के खिलाफ दायर की गई एक याचिका पर आज ( 7 अगस्त, 2020 ) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस-चीन समझौते पर गंभीर टिप्पणी की

भारत के मुख्य न्यायाधीश ( सीजेआई ) एसए बोबडे ने पूछा, कांग्रेस ने 2008 में चीन के साथ समझौता कैसे किया? उन्होंने कहा कि कोर्ट ने एक विदेशी सरकार और एक राजनीतिक दल के बीच समझौते पर हस्ताक्षर करते हुए “कभी नहीं सुना है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में वकील शशांक शेखर और गोवा के पत्रकार सेवियो रोड्रिग्स ने कांग्रेस और चीन सरकार के बीच हुए समझौते के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 24 जून 2020 को याचिका दायर की थी।

याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस पार्टी और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के बीच 2008 में आपसी सहयोग और जानकारियों के लेन-देन के लिए हुआ समझौता संदिग्ध है और यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मसला है। याचिका में मांग की गई है कि इस समझौते की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ( NIA ) करे। इसी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की, इस याचिका पर गंभीर टिप्पणी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर करें।

आपको बता दें कि 2008 में बीजिंग ओलंपिक के दौरान UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस नेता राहुल गांधी चीन गए थे, तब कांग्रेस पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के बीच शी जिनपिंग की मौजूदगी में ही समझौता हुआ था। भाजपा इसी समझौते को आधार बनाकर कांग्रेस को लगातार घेर रही है।

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