मंदिर तोड़नें की धमकी देनें वाले मौलाना को शलभमणि ने दिया जवाब, चौराहों पर पोस्टरों में चिपक जाओगे

कल ( 5 अगस्त 2020 ) को अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत समेत कई बड़ी हस्ती भी शामिल थे, राममंदिर निर्माण शुरू होनें से देश में एक तरफ ख़ुशी की लहर है तो वहीँ मौलाना साजिद रशीदी ने विवादित बयान देते हुए मंदिर तोड़कर मस्जिद बनानें की धमकी दी है, अब मौलाना साजिद रशीदी को भाजपा नेता शलभमणि त्रिपाठी ने करारा जवाब देते हुए कहा कि अगर यही भावना रही तो चौराहों पर पोस्टरों में चिपक जाओगे।

राममंदिर भूमिपूजन से तिलमिलाए ऑल इंडिया इमाम असोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कहा, “इस्लाम कहता है कि एक मस्जिद हमेशा एक मस्जिद होगी। इसे कुछ और बनाने के लिए नहीं तोड़ा जा सकता है। हम मानते हैं कि यह था, और हमेशा एक मस्जिद रहेगी। मंदिर को गिराने के बाद मस्जिद का निर्माण नहीं किया गया था, लेकिन अब मस्जिद बनाने के लिए हो सकता है मंदिर को तोड़ा जाए। साजिद रशीदी ने यह धमकी राममंदिर भूमिपूजन होनें के बाद दी है।

मौलाना साजिद रशीदी को जवाब देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार व् भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शलभमणि त्रिपाठी ने कहा कि ये 500 साल पुराना भारत नहीं, मोदी जी का नया भारत है, शलभमणि अपनें ट्वीट में आगे लिखते हैं UP, योगी जी, CAA प्रदर्शन, पोस्टर, कुर्की, सरकारी वसूली, ये सब याद है ना, वही जिससे बचने के लिए गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट तक दौड़े थे, यही भावना रही तो TV स्क्रिन से निकल कर कभी भी UP के चौराहों पर सरकारी पोस्टरों में चिपक जाओगे।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या में राममंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हो रहा है, हिन्दुओं ने लगभग 500 सालों तक कोर्ट में लम्बी लड़ाई तब कहीं जाकर राममंदिर निर्माण सुनिश्चित हो पाया लेकिन ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, मौलाना साजिद रशीदी और ओवैसी जैसे नेता भड़काऊ बयान देकर राममंदिर के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देनें का काम कर रहे हैं. ये सभी सिर्फ राममंदिर तोड़नें की धमकी नहीं दे रहे हैं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नफरत भी फैला रहे हैं।

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