माथे पर पहले से ही लगा है माफीवीर का टैग: 7 साल पहले सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांग चुके हैं प्रशांत भूषण

नई दिल्ली, 25 अगस्त: अवमानना मामले में दोषी करार दिए गए वकील प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगने से इंकार कर दिया है, अब प्रशांत भूषण को कुछ लोग हीरो बनाने में जुटे हैं लेकिन आपको बता दें की ये वही प्रशांत भूषण हैं जो आज से 7 साल पहले सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांग चुके हैं, जी हाँ! प्रशांत भूषण अपने माथे पर माफ़ी का टैग पहले ही लगा चुके हैं।

प्रशांत भूषण के खिलाफ अवमानना मामलें में कार्यवाही करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार ( 25, अगस्त 2020 ) को कहा कि इंसान को अपनी गलती का एहसास होना चाहिए, हमने भूषण को समय दिया, लेकिन उनका कहना है कि वह माफी नहीं मांगेंगे। प्रशांत भूषण को बोलने की स्वतंत्रता है, लेकिन उनका कहना है कि वह अवमानना के लिए माफी नहीं मांगेंगे।

आपको बता दें कि 2013 में कोयला घोटाले में प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांगी थी, दरअसल प्रशांत भूषण कोयला घोटाले में गैर सरकारी संगठन की जनहित याचिका पर पैरवी कर रहे थे, इसी को लेकर भूषण ने एक साप्तहिक पत्रिका को इंटरव्यू दिया था, उन्होंने कोयला घोटाले की सुनवाई कर रही पीठ पर कड़े फैसले लेने में हिचकिचाने की आशंका जताई थी। घोटाले की सुनवाई कर रही पीठ ने भूषण के बयान को आपत्तिजनक मानते हुए विशेष तौर पर मामले की सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा, मदन बी लोकुर व कुरियन जोसेफ की पीठ ने भूषण के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा, ‘साप्ताहिक पत्रिका में छपा बयान अनावश्यक और परेशान करने वाला है।

कोर्ट का नाराज रुख देखते हुए प्रशांत भूषण ने अपने बयान के लिए माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा पीठ का अपमान या किसी को आहत करने का नहीं था, फिर भी अगर ऐसा हुआ है तो माफी मांगते हैं।