बेंगलुरु साम्प्रदायिक हिंसा के आरोप में पुलिस ने SDPI नेता मुज़मिल पाशा को किया गिरफ्तार

बेंगलुरु, 12 अगस्त: मंगलवार देर रात ( 11 अगस्त, 2020 ) हुई साम्प्रदायिक हिंसा मामलें में पुलिस ने SDPI नेता मुज़मिल पाशा को गिरफ्तार कर लिया है, गौरतलब है कि 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है।

इसके बाद मुस्लिमों की भीड़ ने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन को भी आग के हवाले कर दिया और तोड़फोड़ की, न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक, इस मामलें में पुलिस ने SDPI (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के संयोजक मुजाहिद पाशा को गिरफ्तार कर लिया है।

फेसबुक पोस्ट को लेकर उग्र हुई हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन पर हमला बोल दिया, इस हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 पुलिसकर्मीं घायल हैं,शहर में केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के आस-पास धारा 144 लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस विधायक मूर्ति के भतीजे ने पैगंबर को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भड़क गए और रात में एकजुट होकर विधायक के घर तोड़फोड़ की, आग लगा दी, इस मामले पर कर्नाटक के गृहमंत्री ने कहा, “मामले की जांच हो रही है, लेकिन तोड़फोड़ से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता।

पैगंबर मोहम्मद पर पोस्ट किये जानें के बाद भड़की मुस्लिमों की भीड़ ने बेंगलुरु में जमकर आतंक मचाया, पुलिस सूत्रों ने बताया कि युवक ने दावा किया है कि उसका फेसबुक अकाउंट हैक हो गया था और उसने वह पोस्ट नहीं किया था, जिसमें कथित तौर पर पैगंबर के अपमान की बात कही जा रही है। हालाँकि ये जांच का विषय है। हालाँकि इस हिंसा ने जय भीम और जय मीम का नारा लगानें वालों की पोल खोलकर रख दी।

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