कमलनाथ की हिंदुपरस्ती से मुस्लिम नाराज़, चुनाव में कांग्रेस और कमलनाथ की खिलाफत का किया ऐलान

हैदराबाद, 7 अगस्त: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की हिन्दूपरस्ती से मुस्लिम समाज नाराज हो गया है और आने वाले चुनाव में कमलनाथ की खिलाफत का ऐलान किया है, इस सम्बन्ध में जामिया निजामिया ने बयान जारी किया है। बताते चलें कि पिछले दिनों राममंदिर भूमिपूजन के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ खुद को रामभक्त और हनुमान भक्त के रूप में पेश कर रहे हैं जो मुस्लिम समाज को बिल्कुल रास नहीं आया।

शिबलीगंज हैदराबाद से जामिया निजामिया द्वारा बयान जारी में कहा गया है कि पिछले कुछ अरसे से कमलनाथ और कांग्रेस ने जिस तरह से मुसलमानों से मुंह से मोड़ा है, उससे साफ़ है अब हमारा साथ उनकी सियासत के हक में नहीं है। बयान में लिखा गया है कि कौम को कलमनाथ पर पूरा यकीन नहीं थी लेकिन जिस तरह से उन्होनें हिन्दुओं से निपट लेने की दलील दी थी, उसपर हमनें भी खुलकर उनका हाथ थामा था। पर पिछले एक हफ्ते से हम (मुस्लिम ) उनकी ( कमलनाथ ) की बेख़ौफ़ हिन्दूपरस्ती के नमूनें मीडिया में देख रहे हैं, कभी हनुमान की पूजा तो कभी शहीद बाबरी मस्जिद पर बन रहे राममंदिर का इस्तकबाल। कमलनाथ के बयानों में कौम की दिली तकलीफ के लिए जरा भी हमदर्दी नहीं थी। कमलनाथ की हरकतों ने शक की हर बुनियाद को साफ़ कर दिया है।

जामिया निजामिया द्वारा बयान जारी बयान के मुताबिक, कमलनाथ ने साफ़ कर दिया है कि मुसलमान सिर्फ उनके लिए सियासती प्यादे हैं, जिन्हें वो अपनी हुक्मरानी में कुर्बान कर सकते हैं। आने वाले समय में कौम का रुख साफ़ है, कमलनथ की शतरंज में कुर्बान होना हमें कुबूल नहीं है।

कमलनाथ और कांग्रेस के खिलाफ खिलाफत का ऐलान करते हुए बयान में लिखा गया है कि कौम के सभी ख्वातीनों हाजरात को हमारा मशविरा है कि आने वाले चुनाव में कमलनाथ और कांग्रेस के भरोसे न रहें, अपने इलाके में अपने नुमाइंदे को तौल कर अपना वोट दें। इस मुल्क में मुस्लमान अब अकेला है, हमें अपने लिए सोंच समझकर रहनुमा ढूढ़ना होगा।

गौरतलब है कि कमलनथ ने न सिर्फ राममंदिर भूमिपूजन की बधाई दी थी बल्कि हनुमान चालीसा का पथ भी करवाया था जो अब इनके लिए मुसीबत का सबब बन गया है।

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