भूमिपूजन में शामिल होनें के लिए पद्मश्री मोहम्मद शरीफ को भेजा गया न्योता, जानिए इनके बारे में

5 अगस्त को अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन होना है, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगें, भूमिपूजन को लेकर सोमवार को श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक प्रेस-वार्ता की और कार्यक्रम सम्बंधित सभी जानकारियां दी, भूमिपूजन कार्यक्रम में 175 लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसमें समाजसेवी मोहम्मद शरीफ भी शामिल हैं.

अयोध्या में 5 अगस्त को राम मंदिर का भूमिपूजन ही नहीं होगा बल्कि सौहार्द मंच भी सजेगा. भूमिपूजन के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को न्योता भेजा गया है. राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम में सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूखी, अयोध्या के समाजसेवी पद्मश्री मोहम्मद शरीफ, बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी आमंत्रित लोगों की सूची में शामिल हैं। आइये जानते हैं समाजसेवी पद्मश्री मोहम्मद शरीफ के बारें में.

पेशे से साइकिल मिस्त्री 80 साल के मोहम्मद शरीफ अयोध्या में खिड़की अली बेग मोहल्ले के रहने वाले हैं। उन्हें इसी साल स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा था। मोहम्मद शरीफ अब तक 25 हजार से अधिक लावारिस शवों अंतिम संस्कार कर चुके हैं, खास बात यह है कि हिन्दू शव को हिन्दू परम्परा से मुखाग्नि देते हैं तो मुस्लिम शवों को इस्लाम के अनुसार ही दफनाते हैं।

बताया जाता है कि 28 वर्ष पहले सुलतानपुर कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर की ओर से एक तफ्तीश उनके घर पहुंची तो उनका सारा संसार ही उजड़ गया। दरअसल, दवा लेने एक माह पहले गया उनका पुत्र रेलवे ट्रैक पर लावारिस हालत में मृत मिला था। पहने हुए कपड़ों से उसकी पहचान मोहम्मद शरीफ के पुत्र मोहम्मद रईस खान के रूप में हुई। इस हृदय विदारक घटना ने उन्हें इस कदर तोड़ दिया कि उन्होंने लावारिस लाशों के अंतिम संस्कार करने का मन बना लिया जो सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है।

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