चीन को एक और झटका, आईपीएल से मिटेगा चीनी कम्पनी “वीवो” का नामोनिशान: रिपोर्ट्स

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुएल कन्ट्रोल ( LAC ) पर चल रहे विवाद के बीच चीन को अब एक और झटका लगनें वाला है, इंडियन प्रीमियर लीग ( आईपीएल ) की स्पॉन्सरशिप से चीनी कंपनी वीवो का हटना तय है.

IPL की टाइटिल स्पॉन्सर मोबाइल बनाने वाली एक चीनी कंपनी ‘वीवो’ है. इससे पहले 2 अगस्त को IPL की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद ये खबर आई थी कि चीन की कंपनी ‘वीवो’ ही IPL की स्पॉन्सर होगी. बल्कि BCCI की तरफ से जो ईमेल आया था उसमें भी IPL के टाइटिल स्पॉन्सर के तौर पर ‘वीवो’ का ही नाम था.

इस खबर के आते ही BCCI के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया था. कई ऐसे संगठन हैं जो खुलकर इस मुद्दे पर BCCI का विरोध कर रहे थे. इसी बीच मंगलवार को दोपहर बाद ये खबर आई कि IPL कि टाइटिल स्पॉन्सरशिप अब चीनी कंपनी के पास नहीं रहेगी. ‘वीवो’ ने 2199 करोड़ रुपए में ये स्पॉन्सरशिप ख़रीदी थी. 2017 में शुरू हुए इस करार की मियाद पांच साल के लिए थी. ऐसे में दो साल पहले ही स्पॉन्सरशिप का करार खत्म किया जाना तय है, क्योंकि BCCI लोगों की नाराजगी मोल लेने का खतरा नहीं उठाएगा।

आपको बता दें कि कोरोना के चलते आईपीएल स्थगित कर दिया गया था हालाँकि अब आईपीएल के 13वे संस्करण का आयोजन यूएई में होगा, टूर्नामेंट की शुरुवात 26 सितंबर को होगी और 8 नवंबर को फायनल के साथ समापन होगा।

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