मुस्लिम पर्नसल बोर्ड और ओवैसी पर शिकायत दर्ज, रामलला के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने का आरोप?

आज ( 5 अगस्त, 2020 ) को अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन हुआ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राममंदिर की आधारशिला रखी तो वहीँ असदुद्दीन ओवैसी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई गई है। इन दिनों के खिलाफ यह शिकायत हिंदू सेना ने दर्ज करवाई है. शिकायत में कहा गया है कि इन्होंने रामलला के खिलाफ नफरत को बढ़ावा देने का काम किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में हिंदू सेना ने कहा है कि ओवैसी और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड रामलला, उनकी संपत्ति, हिंदू समुदाय और पूजा स्थल के खिलाफ नफरत और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं. हिंदू सेना ने अपनी शिकायत में कहा है कि यह स्पष्ट रूप से रामलला के पक्ष में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना है।

आपको बता दें कि भूमिपूजन से पहले ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने खुली धमकी दी है। मुस्लिम लॉ बोर्ड का कहना है कि मुस्लिम मायूस न हों, मौका मिलते ही दुबारा हटा देंगे अयोध्या से राम मंदिर, वहां बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी। इस धमकी के बाद साफ हैं कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ना केवल राम मंदिर को हटाने की धमकी दे रहा हैं बल्कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ एक नफरत का माहौल बनाने की तैयारी कर रहा हैं। क्यूंकि सुप्रीम कोर्ट के फैंसले के बाद ही अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘बाबरी मस्जिद थी और हमेशा मस्जिद ही रहेगी। हागिया सोफिया इसका एक बड़ा उदाहरण है, अन्यायपूर्ण, दमनकारी, शर्मनाक और बहुसंख्यक तुष्टिकरण निर्णय द्वारा जमीन पर पुनर्निमाण इसे बदल नहीं सकता है। दुखी होने की जरूरत नहीं है. कोई स्थिति हमेशा के लिए नहीं रहती है।

राममंदिर भूमिपूजन से पहले असदुद्दीन ओवैसी ने बाबरी मस्जिद का राग अलापते हुए जहर उगला था, असदुद्दीन ओवैसी ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के फैसले को बहुसंख्यक तुष्टिकरण बताते हुए विरोध जताया. ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि बाबरी मस्जिद थी, है और रहेगी इंशा अल्लाह।

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