शर्मनाक! बंगाल में लगा ‘अंतिम शव दर्शन टैक्स’, पिता का शव दिखाने के लिए मांगे गए 51,000 रुपये

कोलकाता, 11 अगस्त: कोरोना वायरस के चलते लोग जूझ रहे हैं, लॉकडाउन में अक्सर लोगों की आमदनी पटरी से उतर गई है, ऐसे समय में सरकार को चाहिए कि लोगों की मदद करे लेकिन पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार में तो जनता से ही पैसा वसूलना शुरू कर दिया गया है, जी हाँ! शव के अंतिम दर्शन करानें के लिए हजारों रूपये की मांग की जा रही है, इसे आप ‘अंतिम शव दर्शन टैक्स’ भी कह सकते हैं, जिस तरह रोड पर चलनें के लिए पैसा देना पड़ता है उसे रोड टैक्स कहते हैं, इसी तरह अगर शव के अंतिम दर्शन के लिए पैसे देने पड़ेंगें तो इसको ‘अंतिम शव दर्शन टैक्स’ कहा जा सकता है.

इण्डिया टुडे के मुताबिक, बंगाल के एक परिवार ने अस्पताल पर आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई, शव को देखनें के लिए 51 हजार रूपये की मांग की गई है, हावड़ा निवासी सागर गुप्ता ने बताया कि उनके पिता हरी गुप्ता के कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद शुक्रवार को उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार रात को उनकी मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उन्हें इसकी सूचना नहीं दी।

उन्होनें बताया कि रविवार दोपहर को, हमें अस्पताल से यह कहते हुए फोन आया कि मेरे पिता का निधन 1 बजे हो गया है। जब हमने पूछा कि हमें इसके बारे में समय से क्यों नहीं बताया गया, तो अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास हमारे सम्पर्क की जानकारी नहीं थी।

सागर ने कहा, जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें बताया गया कि शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब परिजन शिबपुर श्मशान घाट पहुंचे, जहां शव ले जाया गया था, तो उन्हें शव का अंतिम दर्शन के लिए 51,000 रुपये देने को कहा गया। परिवार ने कहा कि हमनें पहली बार सुना है कि शव के दर्शन के लिए इतने रूपये देंगें पड़ेंगें। परिवार और पैसे मांगनें वालों के बीच आपस में बहस भी हो गई, इसके बाद ‘शुल्क’ को घटाकर 31,000 रुपये कर दिया गया। पीड़ित सागर गुप्ता ने बताया कि इसके बाद हमनें पुलिस से शिकायत की।

शिकायत के बाद एक पुलिस अधिकारी श्मशान घाट पहुंचे लेकिन वहां मौजूद अस्पताल के अधिकारियों ने उनके उनकी एक न सुनी और पैसे लेनें पर अडिग रहे, परिवार ने कहा, “अस्पताल के अधिकारी जो शव का अंतिम संस्कार कर रहे थे, उन्होंने पुलिस को वापस जाने और उच्च अधिकारियों से बात करने के लिए कहा। इस दौरान मृतक के परिवार के सदस्यों ने वीडियो बनानें की कोशिश की लेकिन उनका फोन छीन लिया गया। परिवार ने बताया कि मीडिया के दबाव के बाद श्मशान अधिकारियों ने केवल 2,500 रुपये लिए, जो कि शरीर को दिखाने के लिए जमा राशि है।

इस मामले में हावड़ा निगम आयुक्त, धवल जैन का कहना है कि एक फोन नंबर, “बड़े अक्षरों में” शिवपुर श्मशान में लिखा गया है जिसपर लोग कभी भी फोन कर सकते हैं यदि कोई परेशान करता है तो शिकायत करा सकते हैं, उन्होनें कहा कि लगता है कि परिवार ने शिकायत नंबर नहीं देखा होगा। जैन ने कहा, “हमें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है, अगर कोई शिकायत मिलती है तो इसकी जांच की जाएगी।

नोट – ऊपर दी गयी तस्वीर साभार – इण्डिया टुडे

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