भाजपा सरकार में विकास के पत्थरों पर अपना नाम लिखवाना चाहते हैं कांग्रेस विधायक, हुए नाराज

congress-mla-angry-with-haryana-bjp-sarkar

फरीदाबाद, 14 अगस्त: यह बात तो सब जानते हैं कि जब कांग्रेस की सत्ता होती है तो भाजपा विधायकों और सांसदों के नाम पत्थरों पर नहीं लिखे जाते, इसी तरह से भाजपा सरकार में कांग्रेस विधायकों के नाम पत्थर पर नहीं लिखे जा रहे हैं.

NIT-86 के कांग्रेस विधायक भाजपा सरकार में गाड़े जा रहे पत्थरों पर अपना नाम लिखवाना चाहते हैं इसलिए वह भाजपा सरकार ने नाराज हो गए हैं.

आपको बता दें कि हरियाणा के शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने शुक्रवार फरीदाबाद में एनआइटी, बड़खल और तिगांव विधानसभा क्षेत्र के तीन गांव क्रमश: अनंगपुर, गौंछी,फरीदपुर के सरकारी स्कूल के नए भवनों का नींव पत्थर रखे। अनंगपुर और गाैंछी गांव के सरकारी स्कूल के भवनों के नींव पत्थर गांव अनंगपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में रखे गए जबकि एक कार्यक्रम फरीदपुर स्कूल में रखा गया। गौंछी गांव चूंकि एनआइटी-86 में है, इसलिए यहां के सरकारी स्कूल के नए भवन का नींव पत्थर अनंगपुर गांव के कार्यक्रम से ही रखा गया।

गौंछी गांव के सरकारी स्कूल के नींव पत्थर पर एनआइटी-86 से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा का नाम नहीं लिखा गया। जबकि तिगांव और बड़खल क्षेत्र के विधायक का नाम लिखा गया। केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर का नाम भी लिखा गया।

NIT-86 के कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने इसकी शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की है। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में नीरज शर्मा ने इसे विधायक के विशेषाधिकार का हनन बताया है और इसकी जांच विशेषाधिकार समिति काे सौंपने का आग्रह किया है। इसके साथ ही नीरज शर्मा ने कहा है कि सरकार एक तरफ तो सबका साथ, सबका विकास करने का नारा दे रही है दूसरी तरफ इस तरह के कार्य करके जनभावनाओं का निरादर कर रही है। यह नीरज शर्मा का अपमान नहीं है बल्कि एनआइटी-86 के लाखों लोगों का अपमान है। वैसे भी जिस संकीर्ण मानसिकता के साथ यह कार्य हुआ है,उससे सरकार यह सोच रही है कि पत्थर पर नाम नहीं लिखकर नीरज शर्मा का नाम नहीं मिटाया जा सकता बल्कि नीरज शर्मा का नाम तो एनआइटी-86 के लोगों के दिलो-दिमाग पर लिखा है।

loading...