कांग्रेस के दलित MLA का छलका दर्द, कहा- इफ्तार पार्टी दी, बकरीद मनाया, फिर भी मेरा घर जला दिया मुस्लिमों ने

बेंगलुरु, 14 अगस्त: मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात बेंगलुरु में हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने कांग्रेस के दलित विधायक श्रीनिवास मूर्ति का घेर लिया और तोड़फोड़ करनें के बाद आग लगा दी, विधायक का दोष सिर्फ इतना था कि उनके भांजे ने फेसबुक पर पैगंबर मोहम्मद को लेकर एक कमेंट कर दिया था, इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी.

अल्लाह-हु-अकबर चिल्लाते मुस्लिमों की उन्मादी भीड़ ने दलित विधायक का घर फूंक दिया, घर वालो पर जान लेवा हमले किये गए, बड़ी मुश्किल से उनकी जान बच सकी, अब विधायक श्रीनिवास मूर्ति अपने जले हुए घर पहुंचे और उसे देखकर भावुक हो गए, उनका दर्द छलक उठा.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस के दलित विधायक श्रीनिवास मूर्ति ने कहा की – मैं तो पिछले 25 सालों से राजनीति में हूँ और मुसलमानों को भाई से भी बढ़कर मानता था, मैंने इफ्तार पार्टियाँ दी, ईद बकरीद मनाये, फिर भी मेरा 50 साल पुराना घर जला डाला गया.

दलित विधायक ने बताया की मैं 4 बार से विधायक हूँ, और हर बार मैंने मुसलमानों के लिए काम किया है, मेरी विधानसभा में मैंने मुसलमानों की हर समस्या को दूर किया है, इसके बाबजूद मुझे नहीं बक्शा गया. दलित विधायक ने बताया की मेरा घर 50 साल पुराना था जिसमे मैं अपने माता पिता और परिवार के साथ रहता था, पर आज इस घर को पूरी तरह राख कर दिया।

गौरतलब है कि 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है। इसके बाद मुस्लिमों की भीड़ ने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन को भी आग के हवाले कर दिया और तोड़फोड़ की

फेसबुक पोस्ट को लेकर उग्र हुई हजारों मुस्लिमों की भीड़ ने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन पर हमला बोल दिया, इस हमले में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई जबकि 60 पुलिसकर्मीं घायल हैं,शहर में केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के आस-पास धारा 144 लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस विधायक मूर्ति के भतीजे ने पैगंबर को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय के लोग भड़क गए और रात में एकजुट होकर विधायक के घर तोड़फोड़ की, आग लगा दी, इस हिंसा ने जय भीम-जय मीम का नारा लगानें वालों की पोल खोलकर रख दी।

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