भूमिपूजन के दिन SM के जरिये साम्प्रदायिक हिंसा भड़कानें की रची गई थी साजिश, आलम, अलीम और कमरुद्दीन गिरफ्तार

बहराईच, 8 अगस्त: बीते 5 अगस्त को अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन हुआ, इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की कई बड़ी हस्ती मौजूद रही। भूमिपूजन के दिन ही पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंण्डिया ( पीएफआई ) ने सोशल मीडिया के जरिये धार्मिक उन्माद फैलानें की साजिश रची थी, हालाँकि ये अपनें नापाक इरादों में कामयाब होते इससे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी के बहराइच से शुक्रवार (7 अगस्त, 2020) को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े एक डॉक्टर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह लोग अयोध्या राम मंदिर भूमिपूजन कार्यक्रम के दिन सोशल मीडिया पोस्ट जरिए समुदाय विशेष के लोगों में आक्रोश फैलाना चाह रहे थे। जिससे सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठे।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुँवर ज्ञानंजय ने कहा कि उन्हें बुधवार को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग डॉ.अलीम के क्लिनिक में बैठ कर समुदाय विशेष के लोगों को व्हाट्सएप और ट्वीट के जरिए ऐसे मैसेज कर रहे हैं, जो सांप्रदायिक एकता और राष्ट्रीय अखंडता के खिलाफ थे।

गौरतलब है कि अयोध्या में रामजन्म मंदिर भूमि पूजन के शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर पहले से ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। इसी के आधार पर पुलिस व खुफिया तंत्र सरहद के साथ ही सोशल मीडिया पर चौकस थे। बुधवार को ट्विटर पर भूमि पूजन को बाधित करने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्माद फैलाने की कोशिश शुरू की गई, तभी खुफिया एजेंसियाँ सतर्क हो गईं और जरवल में छापेमारी कर डॉ. अलीम अहमद की क्लीनिक से उन्हें दो अन्य लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने डॉ. अलीम और उसके क्लीनिक में मौजूद कमरुद्दीन और साहिबे आलम को गिरफ्तार किया था। 24 घंटे पूछताछ के बाद गुरुवार को पुलिस ने तीनों पर मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।

 

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