बेंगलुरु हिँसा: अमित मालवीय बोले- कांग्रेस अपने दलित MLA का साथ देने के बजाय उन्मादियों के साथ खड़ी है

बेंगलुरु, 12 अगस्त: कर्नाटक के बेंगलुरु में मंगलवार ( 11 अगस्त, 2020 ) देर रात दंगे और आगजनी का भीषण नज़ारा देखने को मिला। 1000 से भी अधिक की मुस्लिम भीड़ ने दलित समाज से ताल्लुक रखनें वाले स्थानीय कांग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया है।

अपनें विधायक पर हमला होनें, घर जलाये जानें के बावजूद कांग्रेस खामोश है, कांग्रेस की इस चुप्पी पर सवाल उठाते हुए भाजपा प्रवक्ता अमित मालवीय ने कहा कि कांग्रेस का दलित प्रेम मात्र दिखावा है। भीम-मीम का खोखला नारा देने वाले, दलितों को वोट बैंक की तरह देखने वाले चुप हैं।

भारतीय जनता पार्टी के आईटी सेल चीफ और प्रवक्ता अमित मालवीय ने अपनें ट्वीट में लिखा, बेंगलुरु में कांग्रेस के एक दलित विधायक का घर मुसलमानों की उग्र भीड़ जला देती है। कांग्रेस उसके साथ खड़े होने की जगह उन्मादियों के साथ दिखती है..मालवीय ट्वीट में आगे लिखते हैं, कांग्रेस का दलित प्रेम मात्र दिखावा है, भीम-मीम का खोखला नारा देने वाले, दलितों को वोट बैंक की तरह देखने वाले चुप हैं। आख़िर क्यों?

आपको बता दें कि कांग्रेस पार्टी अभी तक अपनें ही पार्टी के दलित विधायक पर हुए हमले पर खामोश है, मुस्लिम दंगाइयों के खिलाफ बोलना तो दूर की बात अभी तक कांग्रेस ने ट्वीट कर अपनें विधायक पर हुए जानलेवा हमलें की निंदा तक नहीं की है, राज्य भले ही भाजपा साशित है लेकिन कांग्रेस के दलित विधायक पर हमला करनें वाले मुस्लिम समुदाय से हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी कुछ भी बोलकर उनको नाराज नहीं करना चाहती है, सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि कांग्रेस को अपनें विधायक पर हुए हमलें की चिंता नहीं है अगर चिंता है तो वोटबैंक की, इसलिए कांग्रेस पार्टी खामोश हैं।

हजारों मुस्लिमों की उन्मादी भीड़ ने अल्ला-हु-अकबर के नारों के साथ कांग्रेस के दलित विधायक के घर पर हमला बोल दिया, मुस्लिम भीड़ ने दलित विधायक का घर फूंक दिया, विधायक के घर में कुछ भी नहीं छोड़ा गया, बताया जा रहा है कि कांग्रेस के दलित विधायक के रिश्तेदारों की जान बड़ी ही मुश्किल से बची, फिर भी कांग्रेस खामोश है.

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