विकास दुबे ने किया बेहद खतरनाक कबूलनामा, सुनकर दहल जाएगा दिल, कई थानों में थे मददगार

उज्जैन, 9 जुलाई: गुरूवार ( 2 जुलाई 2020 ) देर रात कानपुर के बिकरू गाँव में हुई आठ पुलिसवालों की ह्त्या करके फरार विकास दुबे आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया है, विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया। चौबेपुर के विकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की शहादत का मास्टरमाइंड विकास दुबे गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया है।

गिरफ़्तारी के बाद पुलिस विकास दुबे से पूछताछ कर रही है, पूछताछ में विकास दुबे ने बेहद खतरनाक कबूलनामा किया है, विकास दुबे ने अपनें मुंह से बताया कि उसनें पुलिसकर्मियों पर गोलियां क्यों बरसाई।

विकास दुबे ने बताया हम लोगों को सूचना थी कि 2-3 जुलाई को पुलिस सुबह आयेगी। लेकिन पुलिस रात में ही रेड करने आ गयी। हमें एनकाउंटर का डर था तभी पुलिस पर गोली चलाई! हमने खाना भी नहीं खाया था। जबकि सबके लिये खाना बन चुका था। विकास दुबे ने उज्जैन पुलिस को बताया कि चौबेपुर थाना ही नहीं, कई थानों में भी उसके मददगार थे। जो तमाम मामलों में उसकी मदद करते थे। लॉकडाउन के दौरान चौबेपुर थाने के तमाम पुलिसवालों का ख़्याल रखने की बात विकास दुबे ने की! खाना पीना खिलाना और दूसरी मदद भी वो ( विकास दुबे ) करता था।

इसके अलावा दुर्दांत अपराधी ने बताया कि सीओ देवेंद्र मिश्रा से मेरी नहीं बनती थी। कई बार वो मुझे देख लेने की धमकी दे चुके थे। पहले भी बहस हो चुकी थी। विनय तिवारी ( चौबेपुर थाने का सस्पेंडेड थानाध्यक्ष ) ने भी बताया था कि सीओ तुम्हारे ख़िलाफ़ है। लिहाजा मुझे सीओ पर ग़ुस्सा था। विकास दुबे ने बताया कि शहीद देवेन्द्र मिश्रा को सामने के मकान में मारा था। मैंने नहीं मारा लेकिन मेरे साथियों ने दूसरी तरफ़ के आहाते से कूदकर मामा के मकान के आँगन में मारा था। पैर पर भी वार किया था। क्योंकि वो बोलता है कि विकास का एक पैर गड़बड़ है। दूसरा भी ‘सही’ कर दूँगा। सीओ देवेन्द्र मिश्रा का गला नहीं काटा था, गोली बेहद नजदीक से सिर में मारी थी, इसलिये आधा चेहरा फट गया था।

विकास दुबे ने पूछताछ में बताया कि घटना के अगले दिन मारा गया मामा जेसीबी मशीन का इंचार्ज था लेकिन वो जेसीबी नहीं चला रहा था। रात मे राजू ने जेसीबी मशीन को बीच सड़क मे पार्क किया था। मामा को अगले दिन पुलिस ने एनकाउंटर में मार दिया था।

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