एनकाउंटर में मारा गया दुर्दांत अपराधी विकास दुबे, लेकिन UP पुलिस पर खड़े हुए ये 14 सवाल..?

कानपुर, 10 जुलाई: आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार कुख्यात अपराधी विकास दुबे को कल ( 9 जुलाई 2020 ) महाकाल मंदिर से उज्जैन पुलिस ने गिरफ्तार किया और आठ घंटे पूछताछ करनें के बाद यूपी पुलिस के हवाले कर दिया। विकास दुबे को उज्जैन से यूपी लाते हुए गाडी पलट गई कानपुर में और विकास दुबे ने हथियार छीनकर फायरिंग की और भागनें की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चला दी अर्थात एनकाउंटर किया। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की मौत हो गई है। इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। कानपुर के एसएसपी दिनेश कुमार ने एनकाउंटर की पुष्टि की।

इस तरह से विकास दुबे ने जिस कानपुर से खौफ का कारोबार शुरू किया, उसी कानपुर में अंत हो गया। विकास दुबे के एनकाउंटर पर राजनीति भी शुरू हो गई है और पुलिस पर सवालिया निशान भी खड़े हो गए हैं, कोई इस एनकाउंटर को फर्जी बता रहा है तो कोई कह रहा है कि अच्छा हुआ कुख्यात अपराधी का अंत हो गया। लेकिन विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद यूपी पुलिस पर 14 सवाल खड़े हुए हैं, मुझे लगता है कि पुलिस को इन सवालों का जवाब जरूर देना चाहिए।

1. कानपुर की सीमा में आने के बाद एसटीएफ के काफिले की गाड़ी का एक्सीडेंट कैसे हुआ?
2. एसटीएफ की गाड़ी कैसे पलटी? किन हालात में एक्सीडेंट हुआ?
3. क्या लगातार भागने वाला विकास दुबे इस हालत में था कि उसने एक्सीडेंट होते ही पुलिस के हथियार छीन लिए?
4. क्या एसटीएफ ने विकास दुबे को लाते समय सावधानी नहीं बरती, जो उसने पुलिस से भिड़ने की हिम्मत जुटाई?
5. विकास दुबे ने पहले पुलिस पर फायर किए या पुलिस ने उसे रोकने के लिए गोली चलाई?
6. प्रभात मिश्रा वाले घटनाक्रम से सबक क्यों नहीं लिया गया?
7. दोनों तरफ से इस एनकाउंटर के दौरान कितने राउंड गोली चली?
8. जिस विकास दुबे ने खुद उज्जैन में चिल्ला चिल्लाकर मीडिया के सामने गिरफ्तारी दी थी. अचानक शुक्रवार की सुबह उसका मन कैसे बदल गया?
9. 24 घंटे में पुलिस की एक गाड़ी पंचर हुई और दूसरी गाड़ी पलटी।
10. खुद सरेंडर करने वाला विकास दुबे क्यों एक हथियार लेकर भागने की कोशिश करेगा?
11. क्या विकास को हथकड़ी नहीं लगाई गई थी? ना बरती गई सावधानी।
12. आखिर कानपुर आकर ही क्यों भागने लगा था विकास दुबे?
13. क्या मुठभेड़ में सीने पर गोली मारी जाती है? क्या पुलिस का मकसद उसे रोकना नहीं, जान से मारना था।
14. इस पूरे एनकाउंटर के बारे में पुलिस और एसटीएफ के अधिकारी और जवान बोलने से क्यों बच रही है?

गौरतलब है कि कल ही विकास दुबे के साथी प्रभात मिश्रा को एसटीएफ फरीदाबाद से ला रही थी तब भी गाड़ी खराब हो गई और प्रभात हथियार छीनकर भागनें लगा, और इसी दौरान पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की जिसमें प्रभात मिश्रा मारा गया, क्या पुलिस ने इस घटना के बाअद कोई सबक नहीं लिया था।

नोट- सभी 14 सवालों का श्रोत सोशल मीडिया है।

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