राममंदिर निर्माण में विघ्न डालनें वालों का हुआ सही ईलाज: सुप्रीम कोर्ट ने लगाया 1-1 लाख का जुर्माना

नई दिल्ली, 20 जुलाई: 5 अगस्त को अयोध्या में राममंदिर का भूमिपूजन होगा, इसके बाद भव्य राम मंदिर निर्माण की शुरुवात हो जायेगी, भूमिपूजन से ठीक पहले कुछ लोगों ने न्यायपालिका के जरिये राम मंदिर निर्माण में विघ्न डालनें की कोशिश की लेकिन ये कोशिश उनको काफी महंगी पड़ गई, जी हाँ! सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ याचिका को खारिज कर दिया बल्कि दो याचिकर्ताओं को 1-1 लाख रूपये का जुर्माना भी लगा दिया।

दरअसल सतीश संभारकर और डॉ अंबेडकर बोधिकुंज फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके राम मंदिर की नए सिरे से खुदाई करनें की मांग की थी, यचिका के मुताबिक़, नए राम मंदिर के लिए नींव की खुदाई के दौरान मिलने वाली कलाकृतियों को संरक्षित करने तथा यह काम पुरातत्व सर्वेक्षण की निगरानी में कराने का अनुरोध किया गया था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को गंभीर ना मानते हुए तत्काल खारिज कर दिया और एक-एक लाख का जुर्माना लगा दिया। दोनों याचिकाकार्तओं को एक महीनें के भीतर जुर्मानें की राशि भरनी होगी।

न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ ने याचिकाकर्ता को फटकार लगते हुए कहा कि आप इस तरह की तुच्छ याचिका कैसे दायर कर सकते हैं? इस तरह की याचिका से आपका तात्पर्य क्या है? क्या आप यह कहना चाहते हैं कि कानून का शासन नहीं है और न्यायालय के पाँच न्यायाधीशों की पीठ के फैसले का कोई पालन नहीं करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पाँच सदस्यीय पीठ इस मामले में अपना फैसला सुना चुकी है। इन जनहित याचिकाओं के माध्यम से इस निर्णय को खत्म करने का प्रयास हो रहा है।

बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास और भूमिपूजन की तारीख तय कर ली है। 5 अगस्त को भूमिपूजन होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भूमिपूजन में शामिल होनें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या जायेंगें। ट्रस्ट की शनिवार को अयोध्या में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रीरामजन्मभूमि पर प्रस्तावित मंदिर 161 फीट ऊंचा होगा और इसमें पांच गुंबद होंगे।

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