योगी सरकार का एक्शन: सपा नेता जावेद सिद्दीकी पर लगा NSA, दलित बस्ती जलानें का है आरोप

जौनपुर, 11 जुलाई: पिछले महीनें जौनपुर में मामूली सी बात पर समुदाय विशेष के सैकड़ों लोगों ने दलित बस्ती पर धावा बोल दिया था, कई घरों को आग के हवाले कर दिया, जमकर तोड़फोड़ की। इस मामलें के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी के खिलाफ रासुका (NSA) की कार्रवाई की गई है। जावेद सिद्दीकी समाजवादी पार्टी का नेता है, सपा प्रमुख अखिलेश यादव से इसके करीबी सम्बन्ध हैं. 10 जुलाई को अभियुक्त जावेद के विरुद्ध रासुका की कार्यवाही की गई।

बता दें कि इस घटना के बाद सीएम योगी ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे, साथ ही पीड़ित दलित परिवारों के नुकसान की भरपाई के लिए मुख्यमंत्री पीड़ित सहायता कोष से 10 लाख 26,450 रुपए की आर्थिक मदद दिए जाने की घोषणा भी की. साथ ही पीड़ित परिवारों को समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुन्य 1 लाख रुपए की सहायता राशि भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. सीएम ने साथ ही कहा कि 7 पीड़ित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास उपलब्ध कराया जाए।

क्या था पूरा मामला।
मीडीया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जौनपुर के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के भदेही गाँव में मंगलवार ( 9 जून 2020 ) शाम को भैंस चरानें के विवाद में दो समुदाय के लोगों के बीच झगड़ा हो गया। प्रधानपति आफताब उर्फ हिटलर ने उस वक्त झगड़े को शांत करा दिया। पीड़ितों का आरोप है कि रात आठ बजे प्रधानपति, उसके लड़के व सलीम ने 400 के साथ दलित बस्ती पर हमला बोल दिया।

पीड़ित के मुताबिक़, हमलावरों ने नंदलाल, नींबूलाल, फिरतू, राजाराम, जीतेन्द्र, सेवालाल सहित 12-13 लोगों के मड़हों में आग लगाकर तोड़फोड़ की। कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया, आग की चपेट में आने से तीन बकरियों व एक भैंस की मौत हो गई। डीएम व एसपी मंगलवार रात ही घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंच गए थे. प्रसाशन ने पीड़ितों की मदद की और 35 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया। इस पूरी घटना के मास्टरमाइंड नूर आलम और जावेद सिद्दीकी थे, अब जावेद सिद्दीकी पर एनएसए के तहत कार्यवाही हुई है।