सफूरा जरगर के पक्ष में आंदोलन करनें वाली महिलायें, इस लड़की के पक्ष में आंदोलन क्यों नहीं कर रही हैं

नई दिल्ली, 17 जुलाई: बीते फ़रवरी महीनें में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में दिल्ली में कम्युनल दं’गें हुए थे, दिल्ली पुलिस ने दं’गे में शामिल होनें और साजिश रचनें के आरोप में सफूरा जरगर को अप्रैल महीनें में गिरफ्तार किया था, हालाँकि अब सफूरा को जमानत मिल गई है।

कश्मीर की रहने वाली कथित छात्रा सफूरा जरगर के पक्ष में कैंपेन चलाया जा रहा था, उसे गर्भवती बता विक्टिम साबित किया जा रहा था, सफूरा पर लगे भयानक गुनाह के आरोपों को मासूमियत की आड़ में छिपाया जा रहा था, महिलायें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही थी, लेकिन अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ( AMU ) में एक हिन्दू छात्रा को कटटरपंथी हिजाब पहनाने की खुली धमकी दे रहे हैं तब इस लड़की को न्याय दिलानें के लिए एक भी महिला नहीं खड़ी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि एक हिन्दू छात्रा ने नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) का समर्थन क्या किया उसके साथ पढ़ने वाले लड़के धमकी देनें लगे, इस मामलें में पीड़ित हिन्दू छात्रा ने धमकी देनें वाले लड़के के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोप है कि लड़के ने हिन्दू लड़की को सोशल मीडिया पर धमकी दी थी कि फिर से यूनिवर्सिटी खुलनें के बाद उसे पीतल का हिजाब पहनना होगा। मामला सामनें आने के बाद बवाल मच गया है।

कटटरपंथियों की धमकी के बाद हिन्दू लड़की काफी डरी हुई है, एसएसपी से की गई शिकायत के अनुसार, बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर के एक मुस्लिम छात्र ने सोशल मीडिया पर हिन्दू छात्रा के खिलाफ असभ्य भाषा का इस्तेमाल किया था और धमकी दी थी, छात्रा ने कुछ कॉलेजों में खुद को कवर करने के लिए मजबूर होने वाली लड़कियों को लेकर अपनी राय पोस्ट की थी, जिसके बाद उसे ये धमकियां मिलीं। छात्रा ने यह भी आरोप लगाया कि उसने CAA-NRC का समर्थन किया था, तब से ही उसे इन लोगों द्वारा धमकी दी जा रही थी।

अब इस हिन्दू लड़की को न्याय दिलानें के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है, सब के मुंह में दही जम गई है, सफूरा जरगर जैसी दंगाइयों के जेल जानें के बाद सब कीड़े की तरह बिलबिलानें लगते हैं। और लोकतंत्र की दुहाई देनें लगते हैं। अब जब हिन्दू लड़की पर अत्याचार हो रहा है तो कोई लोकतंत्र की दुहाई नहीं दे रहा है, न कोई महिला संगठन न कोई एक्टिविस्ट।

loading...