सराहनीय कदम: दुनिया को कोरोना वैक्सीन बनानें की अपनी टेक्नोलॉजी बतायेगी रुसी कंपनी

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस पिछले कई महीनों से देश-दुनिया में कहर बरपा रही है, दुनियाभर में 14,531,887 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं जबकि इस खतरनाक महामारी से अबतक 606,763 लोगों की मौत हो चुकी है. हालाँकि अब कोरोना से जल्द निजात मिलनें के आसार दिखाई दे रहे हैं, रूस ने कोरोना वैक्सीन बनानें का दावा किया है, यही नहीं मानव हित को ध्यान में रखते हुए रुसी कम्पनी ने दुनिया को अपनी वैक्सीन बनानें वाली टेक्नोलॉजी को साझा करनें का भी ऐलान किया है।

कोरोना वायरस की वैक्सीन बनानें वाली रुसी कम्पनी आर्गेनाइजेशन ने अपनी टेक्नोलॉजी को साझा करने की पेशकश की है। इस संस्था ने दुनिया में सबसे असरदार कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है। गेमालेया इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एण्ड माइक्रोबायोलॉजी के प्रमुख एलेक्जेंडर जिंसबर्ग ने कहा- रूसी टेक्नोलॉजी दुर्लभ है। इसका पेटेंट कराया गया है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यह पश्चिमी देशों की तुलना में ज्यादा प्रभावी है। दुनिया हमारी इम्यूनाइजेशन स्कीम की कद्र करेगी। हमसे उधार लेगी।

गेमालेया वैक्सीन का रूस के दो संस्थानों में पहले से ही क्लीनिकल ट्रायल कंप्लीट हो गया है। WHO ने गामालिया के अलावा दुनिया की 22 अन्य संस्थाओं को अपनी निगरानी सूची में रखा है। क्लीनिकल ट्रायल के सभी तीन चरण पूरा करने के बाद बड़े पैमाने पर वैक्सीन उत्पादन की अनुमति इन कंपनियों को दी जायेगी।