रवीश कुमार और अखिलेश यादव ने फैलाया फेक न्यूज़, यूपी पुलिस ने किया पर्दाफाश

वाराणसी, 19 जुलाई: मोदी-योगी के विरोध में एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार फेक न्यूज़ फैलानें के लिए कुख्यात रहे हैं! हालाँकि हर बार रवीश कुमार के झूठ का पर्दाफाश हो जाता है, रवीश कुमार ने 2 दिन पहले भी एक फेक न्यूज़ फैलाकर नेपाल में रहने वाले भारतीयों की जान को खतरे में डालनें का कुत्सित प्रयास किया था, सिर्फ रवीश कुमार ने ही नहीं बल्कि अखिलेश यादव ने भी इस फेक न्यूज़ को हवा देनें में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी! इन दोनों के द्वारा फैलाये गए फेक न्यूज़ का यूपी पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है।

दरअसल रवीश कुमार ने एनडीटीवी न्यूज़ चैनल के माध्यम से एक खबर तेजी से फैलाई और वो खबर ये थी की वाराणसी में एक नेपाली शख्स को हिन्दू संगठनों ने मारा-पीटा गया, फिर उसका सर मूंड दिया गया और उस से जय श्री राम के नारे लगवाए, और उस नेपाली सख्श के सर पर भी जय श्री राम लिख दिया गया, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी कुछ ऐसा ऐसा ही ट्वीट किया।

सपा प्रमुख और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बीबीसी न्यूज़ का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए ट्वीट में लिखा, भाजपा के नेतृत्व वाली वर्तमान सरकार के समय, विदेश नीति के मामले में पड़ोसी देशों से हमारे देश के सांस्कृतिक एवं राजनीतिक संबंध कटु होते जा रहे हैं। ये अति निंदनीय है, भाजपा की प्रतिशोधकारी नीतियां आंतरिक व बाह्य, दोनों स्तर पर देश को एक नकारात्मक दौर में ले जा रही हैं।

सच क्या है।

दरअसल अखिलेश यादव और रवीश कुमार ने जो फेक न्यूज़ फैलाई थी, उसका परदाफाश करते हुए वाराणसी पुलिस ने सच्चाई को सामनें रखा, वाराणसी पुलिस के मुताबिक, जिस शख्स का सर मुंडा गया था उसका नाम धर्मेन्द्र है और वो नेपाली नहीं बल्कि भारतीय है और वाराणसी का निवासी है, धर्मेन्द्र 1000 रुपए लेकर नेपाली बना था और अपना सर मुंडवाया था।

वाराणसी के एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, अरुण पाठक नाम का व्यक्ति मुख्य आरोपी है।

अगर पुलिस सच्चाई न बताई होती तो नेपाल से भारत के रिश्ते खराब होनें की संभावना बढ़ जाती है और नेपाल में रहने वाले भारतीयों का जीवन संकट में आ जाता।

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