राफेल के खौफ से बदले चीन के तेवर, पैंगोंग पर बातचीत की कर रहा है पेशकश

अब से कुछ ही घंटों बाद राफेल लड़ाकू विमान आसमान से गरजता हुआ हिंदुस्तान की धरती अम्बाला एयरबेस पर लैंड करेगा, राफेल आने से देश में ख़ुशी की लहर है, इससे पहले राफेल के खौफ से चीन के तेवर बदल गए हैं, ड्रैगन को अभी से ही राफेल का डर सतानें लगा।

चीनी विदेश मंत्रालय ने पैंगोंग सो इलाके पर बातचीत की पेशकश की है, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ पैंगोंग सो वही इलाका है जहाँ चीन की सेना तैनात है, न हटनें को तैयार है और न ही बातचीत को तैयार है, लेकिन राफेल आने की खबर सुनकर चीन ने पैंगोंग सो इलाके पर बातचीत की पेशकश की है।

चीनी विदेश मंत्रालय ने सैन्य स्तर की बातचीत के लिए भारत से पेशकश की है, अब देखना यह दिलचस्प होगा की भारत चीन से बातचीत करता है या पैंगोंग सो से चीनी सेना को बलपूर्वक खदेड़ता है, क्योंकि भारत के पास राफेल रूपी ऐसा ब्रम्हास्त्र आ रहा है जिसका तोड़ चीन के पास नहीं है।

फ़्रांस से उड़ान भर चुके 5 राफेल विमान कुछ घंटों बाद अम्बाला एयरबेस पर लैंड करेंगें। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर राफेल विमान को भारत-चीन विवाद के बीच लद्दाख में एक हफ्ते के भीतर तैनात भी किया जा सकता है, आमतौर पर 6 महीनें लगते हैं तैयार होनें में। चीन के पास राफेल का कोई तोड़ नहीं है। भारतीय वायु सेना के पायलट जिन्होंने राफेल विमान के उड़ान की ट्रेनिंग ली है वही विमान उड़ाकर लेकर भारत आ रहे हैं।

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