प्रियंका गांधी ने विकास दूबे के एनकाउंटर पर सिस्टम ने पूछा ये सवाल, पढ़ें

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कानपुर: कांग्रेस नेता और यूपी कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी विकास दुबे के एनकाउंटर पर योगी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा – अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

इससे पहले प्रियंका वाड्रा ने उज्जैन में विकास दुबे की गिरफ्तार पर भी योगी सरकार पर सवाल उठाए थे, उन्होंने कहा – कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है

अनुमान के अनुसार हुआ विकास दुबे का एनकाउंटर

आपको बता दें कि पहले से जिस बात का अनुमान लगाया जा रहा था आज वही हुआ है, पहले से ही अनुमान जताया जा रहा था कि विकास दूबे को अदालत नहीं पहुँचने दिया जाएगा और रास्ते में ही उसका एनकाउंटर कर दिया जाएगा। लोगों का अनुमान सच साबित हुए और यूपी पुलिस ने विकास दूबे का एनकाउंटर का दिया।

फरीदाबाद से पकडे गए विकास दूबे के साथी प्रभात मिश्रा का भी इसी प्रकार से कानपुर में एनकाउंटर हुआ था, फरीदाबाद पुलिस ने प्रभात मिश्रा को यूपी पुलिस को ट्रांजिट रिमांड पर भेजा था लेकिन पनकी के पास पुलिस की गाड़ी खराब हुई, उसके बाद प्रभात मिश्रा ने पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया।

इसी तर्ज पर आज विकास दूबे का भी एनकाउंटर कर दिया गया. कानपुर पहुँचते ही पुलिस की गाडी पलट गयी, उसके बाद विकास दूबे ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की, कथित तौर पर उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग भी की उसके बाद पुलिस ने उसका एनकाउंटर कर दिया। इसीलिए अखिलेश यादव ने इस एनकाउंटर पर संदेह जताया है।

गौरतलब है की कल उज्जैन पुलिस ने विकास दुबे को महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया था। आठ घंटे पूछताछ करने के बाद यूपी एसटीएफ के हत्थें सौंप दिया। विकास दूबे पर कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की ह्त्या का आरोप था।

कई लोगों के राज हुए दफ़न

अपने सीने में अनगिनत राज छुपाये विकास दूबे की कहानी ख़त्म हो गयी और इसके साथ ही वो सभी राज भी दफ़न हो गए। विकास दूबे के एनकाउंटर की वजह से इसके मददगार बनकर काम करने वाले पुलिसकर्मियों और इसे संरक्षण देने वाले नेताओं की टेंशन भी ख़त्म हो गयी क्योंकि अब इनकी पोल नहीं खुल पाएगी। सबको पता है कि 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में कानपुर पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों ने ही विकास दूबे का सहयोग किया था और उसे पुलिसकर्मियों की रेड की सूचना दे दी थी, इसी वजह से विकास दूबे ने पहले से तैयारी की और पुलिसकर्मियों के आते ही उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग करके 8 पुलिसकर्मियों की जान ले ली।

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