भारत में रहकर भारत के खिलाफ जहर उगलनें वाले गिलानी को पाकिस्तान देगा अपना सर्वोच्च सम्मान

श्रीनगर, 28 जुलाई: भारत में रहकर, भारत का खाकर और भारत के खिलाफ ही जहर उगलनें वाले कश्मीरी अलगाववादी सैयद शाह गिलानी को देशविरोध का ईनाम मिला है, जी हाँ! गिलानी को पाकिस्तान अपनें सर्वोच्च सम्मान से नवाजेगा। इसके लिए बाकायदा संसद में प्रस्ताव भी पारित हुआ।

पाकिस्तानी संसद ने 90 वर्षीय कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी को देश का सर्वोच्च सम्मान निशान-ए-पाकिस्तान से नवाज़ने का प्रस्ताव पारित किया है। पाकिस्तानी संसद द्वारा किया गया ये बड़ा फैसला पाकिस्तान की भारत के लिए खिलाफत का नया पैंतरा है।

आपको बता कि पाकिस्तान संसद में गिलानी के नाम पर एक विश्वविद्यालय का नाम रखने का भी प्रस्ताव पास किया गया है। सर्वसम्मति से पास किए गए प्रस्ताव में मांग की गई है कि गिलानी के जीवन की कहानी को राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तरों पर स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। कश्मीर में भारत विरोधी गतिविधियों को जारी करने के चलते ही पाकिस्तान गिलानी को सम्मानित कर रहा है।

गौरतलब है कि सैयद शाह गिलानी जैसे देशविरोधी भारत में रहकर भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं, पाकिस्तान का गुणगान करते हैं, अलगाववादियों को विदेशों से फंडिंग भी होती थी लेकिन धारा 370 ख़त्म के बाद सब ान्डिंग-फंडिंग समाप्त हो गई, गिलानी कश्मीरी युवाओं को भारतीय सेना के खिलाफ भड़काता ता था, पत्थरबाजी के लिए उकसाता था और अपनें बच्चों को विदेशों में पढ़ाता था।

गिलानी जैसे अलगावादियों की ही करतूत के चलते आज कश्मीर में सेना पर पत्थरबाजी होती है, आतंकियों के जनाजे में हजारों लोग जुटते हैं, हालाँकि 370 हटनें के बाद कश्मीर में बहुत बदलाव आया है, एक तरह से कहें तो अलगाववादियों की दुकान बंद हो चुकी है. केंद्र साशित राज्य बन चुके जम्मू कश्मीर में सेना अब अच्छी खातिरदारी कर रही है आतंकियों और उनके आकाओं की। जिसकी वजह से आतंकी और उनके आका पगलाए हुए हैं।

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