जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटनें के लगभग एक साल बाद उमर अब्दुल्ला ने किया बड़ा ऐलान

श्रीनगर, 27 जुलाई: पिछले साल 5 अगस्त 2019 को मोदी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया था, और केंद्र साशित प्रदेश बना दिया गया था, आने वाले 5 अगस्त को इस ऐतिहासिक निर्णय के 1 वर्ष पूरे हो जाएँगे। इससे पहले जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने बड़ा ऐलान किया है।

उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को ऐलान किया कि जब तक जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश रहेगा, तबत क वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगें, बता दें कि जम्मू कश्मीर का दोबारा पूर्ण राज्य होना तभी संभव है जब केंद्र सरकार चाहेगी।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 35A और 370 के निरस्त होने की पहली वर्षगांठ से पहले अब्दुल्ला ने इंडियन एक्सप्रेस में एक कॉलम लिखा, “आज तक मैं राज्य के लोगों को दंडित करने और अपमानित करने के अलावा इस कदम की आवश्यकता को समझने में विफल रहा। उल्लेखनीय है कि कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद अब्दुल्ला लगातार 8 महीनें नजरबन्द किये गए थे पीएसए के तहत हालांकि अब रिहा कर दिए गए हैं।

अब्दुल्ला ने कहा – मैं घाटी में सबसे सशक्त विधानसभा का सदस्य रहा है और वो भी उस विधानसभा का सदस्य जिसका कार्यकाल 6 साल के लिए होता है। लेकिन अब मैं बस सदन का सदस्य नहीं हो सकता और न ही उस सदन का सदस्य बनूंगा, जिसके पास कोई अधिकार ना हो। उन्होंने कहा कि 370 को हटाना “लोकप्रिय बात” हो सकती है, लेकिन एक राष्ट्र की संप्रभु प्रतिबद्धताओं को संदर्भ में यह सही काम नहीं था।

अब्दुल्ला ने अपनें ट्वीट में लिखा, 5 अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर में जो किया गया इसके लिए कोई संवैधानिक, कानूनी, आर्थिक या सुरक्षा औचित्य नहीं है। जम्मू कश्मीर के साथ जो किया गया नेशनल कॉन्फ्रेंस इससे सहमत नहीं है और न ही हम इसे स्वीकार करते हैं।

 

 

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