चीनी ऐप टिक-टॉक के लिए भारत सरकार के खिलाफ SC में केस नहीं लडूंगा: मुकुल रोहतगी सीनियर वकील

नई दिल्ली, 1 जुलाई: भारत सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए टिक-टॉक संत 59 चीनी अप्स पर बैन लगा दिया। मोदी सरकार ने ये फैसला ऐसे वक्त में लिया जब LAC पर भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है।

बैन होनें के बाद अब टिक-टॉक अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहता है। सुप्रीम कोर्ट में टिक-टॉक का पक्ष रखनें के लिए टिक-टॉक ने सीनियर वकील मुकुल रोहतगी से अपील की परन्तु रोहतगी ने टिक-टॉक की अपील को ठुकरा दिया।

भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल और सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि वो चीनी ऐप टिक-टॉक के लिए भारत सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दलीलें नहीं देंगें। सूत्रों के मुताबिक़, बन हटवानें के लिए टिक-टॉक बड़े वकीलों की तलाश कर रहा है, संभवतः अब टिक-टॉक कपिल सिब्बल को केस लड़नें के लिए हायर कर सकता है।

बता दें कि आईटी मंत्रालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि बैन किये गए चाइनीज ऐप्स कुछ ऐसी गतिविधियों में संलिप्त हैं जो भारत की रक्षा, ​सुरक्षा और पब्लिक की संप्रुभता और अखंडता के लिए हानिकारक है, इसलिए इन्हें भारत में बैन कर दिया गया। गौरतलब है कि भारत में टिक-टॉक समेत सभी चाइनीज एप्स यूज करनें वालों का डेटा सीधा चाइना जाता था। चीन उस डेटा का क्या करता था कोई पता नहीं रहता था। इसी को लेकर सरकार ने चाइनीज एप्स को बैन करनें का फैसला लिया।

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