गांधी परिवार से जुड़े तीनों ट्रस्टों की होगी जांच, PMLA सहित कई चीजों के उल्लंघन का आरोप

नई दिल्ली, 8 जुलाई: दुश्मन देश चीन द्वारा राजीव गाँधी फाउंडेशन को फंडिंग करनें का मामला उजागर होनें के बाद अब केंद्र सरकार एक्शन में आ गई है और गांधी परिवार के नेतृत्व में चलनें वाले तीन ट्रस्टों की जांच करनें के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। गांधी-वाड्रा परिवार की देखरेख में चलनें वाले “राजीव गांधी फाउंडेशन”, “राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट”और “इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट” की जांच की जाएगी।

गांधी परिवार के तीनों ट्रस्टों की जांच करनें के लिए गृहमंत्रालय ने जो कमेटी बनाई है उसकी अध्यक्षता प्रवर्तन निदेशालय ( ED ) के स्पेशल डायरेक्टर करेंगें। ये कमेटी तीनों ट्र्रस्टों पर आर्थिक अनियमितताओं के आरोप की जांच करेगी।

ED ) के स्पेशल डायरेक्टर की अध्यक्षता में गठित ये कमेटी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA), इनकम टैक्स एक्ट एंड फॉरेन कंट्र्ब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट जैसे नियमों के उल्लंघन को लेकर लग रहे आरोपों पर जांच करेगी। हाल ही में बीजेपी की ओर से गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए थे।

पिछले महीनें भाजपा ने कांग्रेस पर गंभीर लगाते हुए कहा था कि जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, उस समय प्रधानमंत्री राहत कोश से “राजीव गांधी फाउंडेशन” को पैसे दिए गए थे। बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था, ‘PMNRF का मकसद लोगों की मदद है लेकिन ये यूपीए के शासन में राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसे डोनेट रहा था।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि राजीव गांधी फाउंडेशन के लिए डोनर की सूची है 2005-06 की. इसमें चीन के एम्बेसी ने डोनेट किया ऐसा साफ लिखा है। ऐसा क्यों हुआ? क्या जरूरत पड़ी? इसमें कई उद्योगपतियों,पीएसयू का भी नाम है। क्या ये काफी नहीं था कि चीन एम्बेसी से भी रिश्वत लेनी पड़ी।