मंदिर जाकर भी नहीं बच पाया विकास दुबे, पर मौलाना साद तो मस्जिद में नमाज पढ़कर भी निकल गया

यूपी पुलिस के आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारोपी कुख्यात हिस्ट्रीशीटर विकास दूबे को आख़िरकार 6 दिनों बाद मध्यप्रदेश की उज्जैन पुलिस ने महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया, मंदिर के सुरक्षा गार्ड ने इस अपराधी को देखते ही धर दबोचा उसके बाद पुलिस को सूचना दी, दूसरी तरफ मौलाना साद मस्जिद में जाता है चुपचाप नवाज अदा करता है और निकल जाता है।

मंदिर में विकास दुबे के पकडे जानें के बाद और मस्जिद से मौलाना साद के भाग जानें के बाद सवाल यह उठ रहा है कि क्या मस्जिद में सेक्युरिटी गार्ड नहीं होते हैं. अगर होते हैं तो जब मौलाना साद नवाज पढ़नें आया था तो पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी गई, क्या मस्जिद ने मौलाना साद को बचानें की कोशिश की।

बता दें कि लगभग एक महीनें पहले 13 जून को दिल्ली के जाकिर नगर वेस्ट इलाके में स्थित अबू बकर मस्जिद में मौलाना साद ने शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की। लेकिन मस्जिद ने दिल्ली पुलिस को सूचना नहीं दी जबकि दिल्ली पुलिस तब्लीगी जमात के मुखिया मौलाना साद को ढूढ़ रही है, इस मौलाना पर गैरइरादतन ह्त्या का केस दर्ज है।

बता दें कि मौलाना साद पर दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में स्थित तबलीगी जमात के मरकज में नियमों का उल्लंघन कर भीड़ जुटाने का आरोप है। उच्च न्यायालय ने कहा था कि निजामुद्दीन मरकज की मंडली ने देश भर में 4,000 लोगों को कोरोना वायरस का संक्रमण फैलाया था। मौलाना साद पर कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज भी दर्ज है लेकिन अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

वहीँ आठ पुलिसकर्मियों की ह्त्या करके फरार चल रहा विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर में पहुंचा था, मंदिर में पहुँचते ही सुरक्षा गार्डों ने धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया। अब पुलिस विकास दुबे का क्लास लेगी। इसके अलावा दुर्दांत अपराधी विकास दूबे की गिरफ़्तारी पर किसी हिन्दू संगठन ने रोना नहीं, न कोई समर्थन किया और न कोई ये कहा कि. विकास दुबे को गलत फंसाया गया. दूसरी तरफ मजहब के नाम पर मौलाना साद के साथ तमाम मुस्लिम संगठन खड़े हैं, खुला समर्थन कर रहे हैं।

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