कानपुर पुलिस का दावा: एनकाउंटर में मारा गया प्रभात मिश्रा था बालिग़, TC पाई गई फ़र्ज़ी

कानपुर, 23 जुलाई: गुरूवार ( 2 जुलाई 2020 ) देर रात कानपुर में चौबेपुर के बिकरू गाँव में दबिश देने गई पुलिस पर विकास दुबे और उसके साथी बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर आठ पुलिसवालों को मौत के घाट उतार दिया था, यूपी पुलिस ने विकास दुबे सहित कई बदमाशों को एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया, जिसमें से एक कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात मिश्रा भी था, जो एनकाउंटर में मारा गया।

कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात मिश्रा के एनकाउंटर के उनकी बहन हिमांशी ने दावा किया था कि प्रभात नाबालिग था, उसकी उम्र मात्र 16 वर्ष थी, अपनें दावे को मजबूत करनें के लिए हिमांशी ने प्रभात की मार्कशीट और आधार कार्ड भी उपलब्ध कराया था, जिसमें उसकी जन्मतिथि 27 मई 2004 दर्ज है, प्रभात मिश्रा की बहन के दावे के बाद कानपुर पुलिस ने दावा किया है कि प्रभात मिश्रा नाबालिग नहीं बल्कि बालिग़ था और उसकी उम्र 20 वर्ष थी।

कानपुर पुलिस के मुताबिक, कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात मिश्रा बालिग था, कूटरचित कागजातों के आधार पर एडमिशन लिया था, जांच में TC ( ट्रांसफर सर्टिफिकेट ) फ़र्ज़ी पाई गई!! कानपुर पुलिस ने दावा किया है कि प्रभात की उम्र 20 वर्ष थी।

प्रभात मिश्रा के एनकाउंटर के बाद सिर्फ उसकी बहन ने नहीं बल्कि यूपी की विपक्षी पार्टियां भी पुलिस को घेरनें लगी थी और नाबालिग का एनकाउंटर करनें का आरोप लगा रही थी. लेकिन अब पुलिस ने साफ़ कर दिया है प्रभात मिश्रा बालिग़ था, वहीँ पुलिस पहले ही कह चुकी है कि प्रभात मिश्रा बिकरू गांव में पुलिस टीम पर गोलियां बरसाने में शामिल था।

आपको बता दें कि कार्तिकेय उर्फ़ प्रभात मिश्रा को हरियाणा पुलिस ने फरीदाबाद से 8 जुलाई को गिरफ्तार किया था, फरीदाबाद से यूपी एसटीएफ की टीम प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी, आरोप है कि इसी दौरान प्रभात मिश्रा ने एसटीएफ के सिपाही का हथियार छीनकर फायरिंग की और भागनें की कोशिश की, इसके बाद जवाबी कार्यवाही में एसटीएफ ने पनकी में प्रभात मिश्रा को एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया।

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