पुलिस से ज्यादा तगड़ा निकला बदमाश विकास दुबे का नेटवर्क, शक के घेरे में दरोगा

कानपुर, 4 जुलाई: गुरूवार ( 2 जुलाई 2020 ) देर रात कानपुर के बिकरू गाँव में बदमाश विकास दुबे और उसके साथी बदमाशों ने रेड मारनें गई पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर यूपी पुलिस के आठ जवानों को मौत के घाट उतारकर फरार हो गया।

पुलिसकर्मियों की ह्त्या के मामलें में जांच एक साथ कई दिशाओं में चल रही है। एक तरफ दर्जनों टीमें फरार अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों को ढूढ़ने में लगी हैं तो वहीँ दूसरी ओर कुख्यात बदमाश विकास दुबे और उसके साथियों ने जिस तरह से जघन्य अपराध को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया उसने पुलिस विभाग की गोपनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कानपुर में हुई वारदात के पीछे पुलिस विभाग के किसी भेदिये ने गहरी साजिश रची है, उसने अपने साथियों को मौत के घाट उतरवाने में शातिर बदमाश और उसके गैंग की मदद की है, डीजीपी का कहना है कि इस बिन्दु पर भी पूरी गम्भीरता के साथ जांच कराई जाएगी। अधिकारियों को शक है विभाग के किसी भेड़िए ने पुलिस फ़ोर्स के चलनें और गाँव पहुंचनें तक की हर जानकारी विकास दुबे को दी थी। ये भेदिया कौन है ये जांच का विषय है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, बिकरू गांव ( जहाँ वारदात हुई ) चौबेपुर थानाक्षेत्र में आता है, जब दबिश दी गई तो बाकी थानों की फोर्स एसओ और सीओ आगे बढ़ गए मगर एसओ चौबेपुर विनय तिवारी जेसीबी के पीछे रहे जबकि थानाक्षेत्र उनका था, इलाके में लगाए गए बीट कांस्टेबल उन्हें रिपोर्ट करते थे। गांव की भौगोलिक स्थिति के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी थी। उसके बाद भी वह आगे नहीं बढ़े। इसी मामले में एसटीएफ के अधिकारियों ने देर शाम एसओ चौबेपुर से भी पूछताछ की। आजतक के मुताबिक़, चौबेपुर थाने के एक दारोगा ने ही विकास दुबे को पुलिस रेड की सूचना पहले ही दे दी थी। पुलिस के शक के घेरे में एक दारोगा, एक सिपाही और एक होमगार्ड है।

हैरान करनें वाली बात यह है कि पुलिस से ज्यादा तगड़ा नेटववर्क अपराधी का निकला, विकास दुबे को पूरी कन्फर्म सूचना था कि पुलिस देर रात कितने बजे रेड मारने आएगी और कितने थानों की फोर्स के साथ सीओ आ रहे हैं। ये भेद विभाग के किसी कर्मचारी ने ही दिया होगा। कॉल डिटेल में इसका खुलासा हो सकता है।

बता दें कि कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, इसमें सीओ बिल्हौर सहित 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। एसओ बिठूर समेत 6 पुलिसकर्मी गम्भीर घायल हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कानपुर के राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने 307 का एक मुकदमा विकास दुबे के ऊपर दर्ज कराया है। इस पर दबिश डालने के लिए एक बड़ी पुलिस टीम गुरुवार की दरम्यानी रात को विकास के घर पहुंची। पुलिस को रोकने के लिए बदमाशों ने पहले से ही जेसीबी वगैरा लगा कर के रास्ता रोक रखा था। पुलिस पार्टी के पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए। पुलिस ने भी मौके पर दो बदमाशों को मार गिराया। एक विकास दुबे का मामा था।

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