मायावती के राज में बोलती थी तूती, पढ़िए कुख्यात बदमाश विकास दुबे का आपराधिक रिकॉर्ड

कानपुर, 3 जुलाई: शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के कानपुर से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसे सुनकर पूरा देश थर्रा गया। चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव में दबिश देने पहुंची पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, इसमें सीओ बिल्हौर सहित 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए हैं। एसओ बिठूर समेत 6 पुलिसकर्मी गम्भीर घायल हैं। सभी घायल पुलिसकर्मियों को गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, विकास दुबे नाम के कुख्यात बदमाश और उसके साथियों ने छतों से पुलिस टीम पर गोलियां बरसाईं और हमले के बाद पुलिस के असलहे भी लूट ले गए।

विकास दुबे का आपराधिक रिकॉर्ड

कुख्यात हिस्ट्रीशीटर बदमाश विकास दुबे का आपराधिक रिकॉर्ड बहुत पुराना है, मायावती के राज में विकास दुबे की तूती बोलती थी, थानों में घुसकर मर्डर करता था। कोई गवाही देनें को नहीं राजी होता था, यहाँ तक की पुलिस भी डरती थी, यूपी की पिछली सरकारों ने विकास दुबे पर शिकंजा कसना मुनासिब नहीं समझा। जिसकी वजह से उसका हैंसला बढ़ता चला गया। अब योगीराज में कुख्यात बदमाश विकास दुबे के खिलाफ एक्शन हुआ है। वैसे एक बात साफ़ है कि सालों तक अगर किसी भी अपराधी का मन बढ़ाया जाएगा तो वही होगा जो कानपुर में हुआ।

कुख्यात बदमाश विकास दुबे साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी है। इसके अलावा, वर्ष 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही वर्ष 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास की जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप है। वर्ष 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी है। विकास ने अपने भाई को मारने की साजिश जेल में बैठकर रची थी। विकास दुबे के ऊपर कुल 60 मुकदमें दर्ज हैं।

हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की यूपी के चारों राजनीतिक दलों में पकड़ है। 2002 के जब मायावती राज्य की मुख्यमंत्री थीं तब इसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था। इस दौरान इसने जमीनों पर अवैध के साथ और गैर कानूनी तरीके से संपत्ति बनाई। जेल में रहने केदौरान शिवराजपुर से नगर पंचयात का चुनाव जीत गया। बसपा सरकार के एक कद्दावर नेता से इसकी करीबी जगजाहिर थी। इस दौरान विकास ने अपना खुद का एक बड़ा गैंग खड़ा कर लिया था। लिंक पर क्लिक करके विकास दुबे पर दर्ज सभी मुकदमें को विस्तार से पढ़ सकते हैं

बता दें कि कानपुर के राहुल तिवारी नाम के व्यक्ति ने 307 का एक मुकदमा विकास दुबे के ऊपर दर्ज कराया है। इस पर दबिश डालने के लिए एक बड़ी पुलिस टीम विकास के घर पहुंची। पुलिस को रोकने के लिए बदमाशों ने पहले से ही जेसीबी वगैरा लगा कर के रास्ता रोक रखा था। पुलिस पार्टी के पहुंचते ही बदमाशों ने छतों से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी जिसमें पुलिस के 8 लोग शहीद हो गए।

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