4 महीनें से न्याय के लिए भटक रही हैं किरन राजपूत, पूरी घटना जानने के बाद सिहर जाएगा दिल?

मध्यप्रदेश, 18 जुलाई: माइक्रो ब्लॉगिंग साईट ट्विटर पर इस समय #JustishForKiranRajput ट्रेंड चल रहा है, इस ट्रेड के माध्यम से लोग किरन राजपूत को न्याय दिलानें को कोशिश कर रहे हैं, सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस जागे और किरन को न्याय मिल सके, किरन राजपूत पिछले 4 महीनें से न्याय के लिए भटक रही हैं।

क्या है पूरी घटना।

पीड़ित किरन राजपूत के मुताबिक, पूरी घटना ( थाना -गोविंदपुरा  भोपाल ) आज से लगभग 4 महीनें पहले 16 अप्रैल 2020 को दोपहर 12 बजे की है, जब कोरोना महामारी से पूरे देश मे लगे लॉकडाउन के कारण सभी अपने घर मे थे, हमारा पूरा परिवार भी घर मे एक साथ बैठकर महाभारत देख रहा था तभी अचानक 6 लोग (कुल 14 लोग आये थे, 6 घर मे घुसे और बाकि बाहर खड़े थे, 6 ने मेरे पिताजी को मारा और बाकियो ने मेरे पूरे परिवार को मारा) 6 मुख्य अपराधी हैं ( दीपक, अमन, आकाश, भूरा, टोम्मा, राज ) बाकि 8 हत्या मे सहयोगी हैं ( हिम्मत, विशाल, विक्की। करण, जस्सो, गुड्डी, सऊआ, ज्ञात नहीं ) जो एकता नगर मे ही रहते है (दीपक, अमन, आकाश, भूरा, टोम्मा, राज ) हाथियार (रॉड, लोहे के पाइप, डंडे, बेसबॉल, हॉकी, बैट) लेकर मेरे घर मे घुस आये मेरे पिता को घसीट कर घर के सामने चबूतरे तक ले गए हम भी उनके पीछे दौड़े, वह 6 लोग मिलकर मेरे पापा को लाठी-डंडों से मारने लगे मेरे पापा मदद के लिए चिल्ला रहे थे, मेरी मम्मी जब मेरे पापा को बचाने के लिए दौड़ी तब उन्ही 6 लड़को के साथ आये उनके भाई विक्की चौहान ने मेरी मम्मी को बुरी तरह बैट से मारा।

मै अपने पापा को बचाने जा रही थी तो मुझे उन लडको की माँ जो उन्ही 6 हत्यारो के पीछे आयी थी उन्होंने मुझे पकड़ लिया और पीटने लगी, मै अपने पापा की तरफ बढ़ने की कोशिश करती रही पर वह तीनो मुझे खींचती रहीं मै मेरे पापा को देख रही थी वह 6 मेरे पापा को मिलकर मारते रहे मेरे पापा जमीन पर गिर पड़े बेहोश हो गए मेरे पापा के सर, मुँह और नाक से खून की धार लग गयी उनकी गर्दन लटक गयी। उन्ही 14 लोगो के परिवार के मुखिया हिम्मत सिंह चौहान ने कहा ” मार डालो, जो बचाएगा उसका भी यही हाल करेंगे। किरन राजपूत ने बताया कि मेरे पिता 3 दिन तक बेहोश रहे 18 अप्रैल को मौत हो गई।

किरन ने बताया हत्यारों अमन और आकाश की माँ सऊआ ने अपने सबसे बड़े बेटे विशाल को कहा की ऐ विशाल नगन कर के मार इन सब लड़कियों को, तब विशाल ने मेरी सबसे छोटी बहन गीता (17) को गलत तरीके से पकड़ा ( छूआ ) ओर उसके कपडे फाड कर उसे निर्वस्त्र करने की कोशिश की और उसे धक्का मार कर जमीन पर गिरा दिया, यहाँ सब देख रही मेरी मंझली बहन नेहा जब मेरी छोटी बहन गीता के पास दौड़ कर गयी और उसे उठाने लगी तब विशाल ने नेहा की कमर मे पीछे से लोहे की रोड मार दी।

किरन के मुताबिक, जब मैं ललिता राजपूत ( पत्नी स्वर्गीय श्री तरुण सिंह राजपूत ) और मेरी बेटी नेहा राजपूत ठाणे मे रिपोर्ट दर्ज कराने पहुँची तो मौके पर ठाणे गोविंदपुरा मे मौजूद ASI अरविन्द कौरव द्वारा दुर्व्यव्हार किया गया और हमें भागने का प्रयास किया गया किया गया। इसके अलावा एफआईआर और पोस्टमार्टम में भी कई सारी खामियां हैं।

किरण राजपूत के पिता तरुण सिंह जिनकी 14 बदमाशों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गयी है, एक प्राइवेट कंपनी मे मजदूर थे अपने बीवी बच्चो के लिए सुबह 8 से शाम 8 तक मेहनत करते थे, अपनी पढाई का खर्च निकलने के लिए खुद किरन और उनकी सभी बहनें और उनकी माँ पार्क में खिलौने बेंचा करती थी।

किरन राजपूत 3 बहन और दो भाई हैं जो 14 और 10 साल के हैं। पिताजी की ह्त्या के बाद माँ का बुरा हाल है, वे बार बार बेहोश हो जाती हैं और एक ही बात बार-बार कहती हैं की उन हत्यारो को उम्र कैद या फांसी की सजा दिलाऊँगी। किरन ने कहा, हम घर मे 3 लड़किया हैं, घर के मुखिया तो रहे नहीं अगर उन हत्यारो को जमानत पर छोड़ा गया तो कल को हमारे साथ भी कुछ भी हो सकता है।

किरन ने मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि सरकार द्वारा हमारी आर्थिक मदद की की जाय, इसके अलावा उन्होंने कहा, चार्जशीट ऐसी पेश की जाये, जिससे सभी 14 हत्यारों को सज़ा मिले, हमें अपना घर छोड़ना पड़ा है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास प्रदान किया जाये। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने आश्वाशन दिया है कि अपराधी को बक्शा नहीं नहीं जाएगा।

(पूरी घटना, हत्यारों का बैकग्राउंड, सब की डिटेल की आप इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।)