राजीव गांधी ने शिक्षा को किया था HRD, अब मोदी सरकार ने HRD का नाम बदलकर किया शिक्षा मंत्रालय

नई दिल्ली, 29 जुलाई: क़रीब तीस साल बाद नई शिक्षा नीति को मंजूरी मिली है, अब उच्च शिक्षा के लिए एक ही नियामक संस्था होगी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल कर फिर से शिक्षा मंत्रालय किया जाएगा। हालाँकि त्रिभाषा फ़ार्मूला लागू रहेगा।

आपको बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ( HRD ) अब शिक्षा शिक्षा मंत्रालय के नाम से जाना जाएगा। पहले शिक्षा मंत्रालय ही होता था लेकिन तत्कालीन प्रधानमंत्री और कांग्रेस नेता राजीव गांधी ने 1985 में इसका नाम बदलकर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ( HRD) कर दिया था। लेकिन अब मोदी सरकार ने HRD का नाम बदलकर फिर से शिक्षा मंत्रालय कर दिया है।

आरएसएस के कुछ सहयोगी संगठन लम्बे समय से मांग कर रहे थे कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ( HRD ) का नाम वापस शिक्षा मंत्रालय रखा जाए। आज ये मांग पूरी हो गई, इस समय रमेश पोखरियाल निशंक भारत के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ( HRD ) हैं, हालाँकि अब निशंक केंद्रीय शिक्षा मंत्री कहलाएंगें। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में नाम बदलनें का फैसला हुआ। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी मिलनें के बाद शिक्षा के क्षेत्र में बड़े सुधारों का रास्ता खुल गया है।

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