महाकाल के पुजारी ने बताया कैसे की गई विकास दुबे की पहचान और…गिरफ़्तारी पूरी कहानी

उज्जैन, 9 जुलाई: गुरूवार ( 2 जुलाई 2020 ) देर रात कानपुर के बिकरू गाँव में हुई आठ पुलिसवालों की ह्त्या करके फरार विकास दुबे आखिरकार पुलिस की पकड़ में आ गया है, विकास दुबे को उज्जैन महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बाद अब यूपी के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने भी विकास दुबे के गिरफ़्तारी की पुष्टि कर दी है।

लोगों के मन में एक सवाल लगातार उठ रहा है कि आख़िरकार विकास दुबे की पहचान कैसे की गई और पुलिस ने कैसे गिरफ्तार किया है, इस सवाल का जवाब दिया है खुद महाकाल के पुजारी ने, जहाँ से विकास दुबे गिरफ्तार हुआ है।

मिली जानकारी के मुताबिक, आठ पुलिसकर्मियों का हत्यारा विकास दुबे एनकाउंटर में मारे जानें के डर से खुद से सरेंडर करना चाहता था। मंदिर परिसर में पहुंचने के बाद चिल्ला चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहने लगा कि पुलिस को सूचना दी जाए।

पुजारी आशीष ने बताया कि मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को लगा कि इस शख्स की शक्ल कानपुर के अपराधी विकास दुबे से मिलती है, तो उन्होंने उसे तुरंत पकड लिया। उसके बाद महाकाल मंदिर के पुलिस चौकी को सूचना दी गई। विकास दुबे 250 रुपये की रसीद कटवाकर मंदिर में प्रवेश किया था, यह पूरा वाक्या तकरीबन सुबह 9 बजे का है।

फिलहाल विकास दुबे को गिरफ्तार करके पुलिस फ्रीगंज थाने ले गई, विकास दुबे की गिरफ़्तारी के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि, मैनें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात कर ली है, जल्द ही दुर्दांत अपराधी विकास दुबे को यूपी पुलिस को सौंपा जाएगा।

60 मुकदमों वाले राक्षस विकास दुबे अब 7 दिन बाद गिरफ्तार हो चुका है, जबकि उसके कई साथियों को पुलिस एनकाउंटर में ढ़ेर कर चुकी है, कई गिरफ्तार हो चुके हैं। आज भी यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे के 2 साथियों को एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया। विकास दुबे अंतिम बार फरीदाबाद में देखा गया था, लेकिन उज्जैन में गिरफ्तार हुआ।

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