बड़ा सवाल: कब पलटेगी अतीक अहमद और मुख़्तार अंसारी की गाड़ी, जानिये इन दोनों का आपराधिक इतिहास

लखनऊ, 10 जुलाई: आठ पुलिसवालों के हत्यारोपी और कुख्यात हिस्ट्रीशिटर विकास दुबे को आज सुबह लगभग साढ़े 6 बजे कानपुर के भउटी गाँव में यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया। विकास दुबे पर 60 से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज थे, आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करके फरार कुख्यात अपराधी विकास दुबे को कल ( 9 जुलाई 2020 ) महाकाल मंदिर से उज्जैन पुलिस ने गिरफ्तार किया और आठ घंटे पूछताछ करनें के बाद यूपी पुलिस के हवाले कर दिया।

विकास दुबे को उज्जैन से यूपी लाते हुए गाडी पलट गई कानपुर में और विकास दुबे ने हथियार छीनकर फायरिंग की और भागनें की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चला दी अर्थात एनकाउंटर किया। एनकाउंटर में गंभीर रूप से घायल हुए विकास दुबे की हैलट अस्पताल में मौत हो गई है। इस एनकाउंटर में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

कुख्यात अपराधी विकास दुबे का एनकाउंटर होनें के बाद लोगों में ख़ुशी की लहर है, लेकिन लोग अब सवाल भी पूछ रहे हैं कि आखिर मुख़्तार अंसारी और अतीक अहमद की गाडी कब पलटेगी। इन दोनों पर भी तीन-चार दर्जन से अधिक संगीन मुकदमें दर्ज हैं, दोनों इस समय जेल में हैं और समय-समय पर जेल से ही आपराधिक घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं। आइये बताते हैं आपको अतीक अहमद और मुख़्तार अंसारी का आपराधिक इतिहास। इन दोनों ने न सिर्फ क्राइम की दुनिया में अपना खौफ जमाया बल्कि सत्ता के गलियारों में भी अपना रसूख कायम रखा है।

समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद पिछले तीन सालों से जेल में बंद है, अतीक के खिलाफ 83 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। उसके भाई अशरफ को मिला दें तो दोनों पर 150 से ज्यादा केस हैं। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कौशाम्बी, चित्रकूट, इलाहाबाद के साथ ही बिहार में भी हत्या, अपहरण और जबरन वसूली के मामले दर्ज हैं। क्राइम की दुनिया में कदम रखने के बाद अतीक ने राजनीति में भी खुद को अजमाया और एक के बाद एक चुनाव भी जीते। लेकिन अभी तक कभी इसका एनकाउंटर करनें की कोशिश नहीं की गई।

मुख़्तार अंसारी भी एक कुख्यात अपराधी है, यूपी में अपराध की दुनिया में मुख्तार अंसारी एक बड़ा नाम है। मुख़्तार अंसारी पिछले 15 सालों से जेल में बंद है। उस पर मर्डर, किडनैपिंग और एक्सटॉर्शन जैसे मामलों में 40 से ज्यादा केस उसके खिलाफ दर्ज हैं। मुख़्तार अंसारी जेल में रहते हुए भी अपने गैंग चलाता है। हैरानी की बात यह है कि कुख्यात अपराधी मुख़्तार अंसारी लगातार पांच बार विधायक भी बन चुका है। 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या से भी मुख़्तार अंसारी का नाम जुड़ा था।

लोगों का मानना है कि ऐसे अपराधियों की भी जल्द गाडी पलटने चाहिए और बाद में एनकाउंटर में मारे जानें की खबर आये और उत्तर प्रदेश के अपराध मुक्त होनें का सपना साकार हो। चुन-चुनकर ऐसे अपराधियों का खात्मा जरुरी है।

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