कांग्रेस पर भड़के दलित नेता मांझी, कहा- किसी के बाप में हिम्मत नहीं जो “राम काज” में अड़ंगा डाले

अगले महीनें 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर का भूमिपूजन होना है, राम मंदिर के भूमिपूजन की खबर सुनकर एक तरफ जहाँ रामभक्तों में ख़ुशी की लहर है तो वहीँ दूसरी तरफ कुछ ऐसे लोग भी हैं जो राममंदिर भूमिपूजन का विरोध कर रहे हैं, अभी तक भूमिपूजन के खिलाफ राजनैतिक बयानबाजी हो रही थी अब मामला कोर्ट में पहुँच गया है।

साकेत गोखले ने इलाहबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करके राममंदिर के भूमिपूजन पर रोक लगाए जानें की मांग की है। गोखले ने भूमिपूजन को अनलॉक-2 की गाइडलाइन का उल्लंघन बताया है।

राममंदिर भूमिपूजन के खिलाफ याचिका दायर होनें के बाद पूर्व भाजपा सांसद और दलित नेता हरि मांझी ने साकेत गोखले के बहानें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा है, क्योंकि गोखले राहुल गांधी का बेहद करीबी है, मांझी ने कहा कि किसी के बाप की अब हिम्मत नहीं जो “राम काज” में अड़ंगा डाले।

बिहार के गया से पूर्व भाजपा सांसद और बोधगया से पूर्व विधायक व् दलित नेता हरि मांझी ने अपनें ट्वीट में लिखा, राहुल गांधी का करीबी है साकेत गोखले, श्री राम मंदिर भूमि पूजन के खिलाफ हाईकोर्ट में डाली याचिका। ,मांझी ने आगे लिखा, किसी के बाप की अब हिम्मत नहीं जो “राम काज” में अड़ंगा डाले।

आपको बता दें कि राममंदिर भूमिपूजन के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में लेटर पेटिशन फ़ाइल करनें वाले साकेत गोखले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बेहद करीबी मानें जाते हैं, साकेत गोखले हमेशा राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट करते हैं और ट्विट्टर पर मोदी विरोधी कैम्पेन चलानें के लिए जानें जाते हैं. राहुल गांधी जितनें ट्वीट करते हैं साकेत गोखले उसे तत्काल रीट्वीट करते हैं।

साकेत गोखले ने द्वारा दाखिल याचका में कहा गया है कि अयोध्या में भूमि पूजन के दौरान तीन सौ लोग इकट्ठा होंगे जो कि कोरोना के नियमों के खिलाफ होगा. और इस कार्यक्रम से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ेगा. यही नहीं पीडिशन में आगे कहा गया है कि यूपी सरकार केंद्र की गाइडलाइन में छूट नहीं दे सकती।