सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारनें की थी तैयारी, सफूरा, खालिद, ताहिर हुसैन ने रची थी खतरनाक साजिश

नई दिल्ली, 15 जुलाई: बीते फ़रवरी महीनें में नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) के विरोध में उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे, इस दंगें में कई लोगों की ह्त्या की गई थी और सरकारी सम्पत्ति को जलाकर राख किया गया था, अब दिल्ली दंगें से जुड़ा बड़ा खुलासा है, जिसे सुनकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जायेगी, जी हाँ! दिल्ली दंगें में सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारनें की तैयारी थी, हर्ष मन्दर, सफूरा, उमर खालिद, जाकिर नाईक, ताहिर हुसैन ने ऐसी भयानक साजिश रची थी।

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, अभी तक जो जांच हुई है,उसके मुताबिक दंगा भड़काने की ये सोची समझी साजिश थी। समाजिक सद्भाव को बिगाड़ने के लिए संगठित होकर कोशिशों के अंजाम दिया गया। ये हिंसा कोई क्षणिक आवेग या दो समुदायों के बीच धार्मिक आधार पर चल रहे तनाव का नतीजा नहीं बल्कि इसे बकायदा प्लान किया गया था। कुछ शरारती तत्वों ने अपने छिपे हुए एजेंडा को पूरा करने के लिये हिंसा के लिए फंडिंग की। उन्होंने समाज के एक हिस्से में पहले बेवजह का डर और पेनिक पैदा किया और उसके बाद उन्हें क़ानून हाथ में लेने और हिंसा के लिए उकसाया

पुलिस ने कहा कि, CAA के विरोध में प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे ये कहना बिल्कुल अनुचित है, जब ये प्रदर्शनकारी हिंसा में शामिल होते हुए और सार्वजनिक सम्पति को नुकसान पहुंचाते नज़र आये। शाहीन बाग मॉडल को दिल्ली में कई जगह दोहराने की कोशिश हुई, कई जगह पर सड़क या मेट्रो रूट जाम करने की कोशिश की गई,16, 17 और 20 दिसंबर को दयालपुर, सीलमपुर, जाफराबाद, नन्दनगरी और सीमापुरी इलाके में प्रदर्शनकरियो के हिंसा के मामले सामने आए. ( विस्तृत रिपोर्ट यहाँ पढ़ सकते हैं ) 

साभार – kreately

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