दिल्ली के हमदर्द अस्पताल ने 84 नर्सों को नौकरी से निकाला, हाईकोर्ट पहुंचा मामला?

नई दिल्ली, 25 जुलाई: कोरोना काल में डॉक्टरों और नर्सों ने जो काम किया है और लगातार कर रहे हैं, उसे शब्दों में नहीं बयाँ किया जा सकता है, इन सबके बीच खबर आई है कि दिल्ली के एक हॉस्पिटल ने 84 नर्सों को नौकरी से निकाल दिया है. नर्सों का कसूर सिर्फ इतना था कि इन्होनें COVID-19 ड्यूटी के दौरान एन -95 मास्क, पीपीई किट, पीने के पानी, मुफ्त COVID-19 टेस्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं की माँग की थी। अब ये पूरा मामला हाईकोर्ट पहुँच गया है।

कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में तैनात एचएएच सेंटेनरी अस्पताल की एक नर्स ने उसे और अस्पताल के अन्य 83 कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त करने के फैसले को चुनौती देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

वकील सुभाष चंद्रन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (HIMSR) के COVID-19 समर्पित HAH सेंटेनरी अस्पताल के इन कर्मचारियों को तब हटा दिया गया था जब उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों के लिए COVID-19 ड्यूटी के दौरान एन -95 मास्क, निजी सुरक्षा उपकरण (पीपीई), बेहतर काम के घंटे, पीने के पानी, मुफ्त COVID-19 टेस्ट जैसी बुनियादी सुविधाओं की माँग की थी।

याचिका के मुताबिक, सरकारी आदेश के बावजूद हमदर्द इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च के HAH सेंटेनरी अस्पताल ने COVID-19 के संदर्भ में वैध चिंताओं की तरफ ध्यान दिलाने पर बड़ी तादाद में स्वास्थ्य कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया। याचिका में कहा गया है कि कोरोना काल में 84 नर्सिंग अधिकारियों को बर्खास्त करने के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा उठाया गया कदम सरकार के निर्देशों का उल्लंघन है।

याचिका में अस्पताल प्रशासन के 11 जुलाई के उस आदेश को भी चुनौती दी गई है जिसमें कहा गया है कि नर्सों को इसलिए नौकरी से निकाल दिया गया है क्योंकि वे छुट्टी के बिना काम से अनुपस्थित थीं, जबकि इनमें से अधिकांश 11 जुलाई तक ड्यूटी पर थीं और कई क्वारंटाइन में थीं। अब इस पूरे मामलें का हल कोर्ट ही निकाल पायेगा।

साभार – ऑपइंइण्डिया

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