हवा से फ़ैल रहा कोरोना वायरस, 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों के दावों से मचा हड़कंप

चीन के वुहान शहर से जन्मा कोरोना वायरस पूरी दुनिया में कहर मचा रहा है, इस खतरनाक वायरस से न सिर्फ लोगों की मृत्यु हो रही है बल्कि अर्थव्यवस्था को भी तगड़ा झटका लग रहा है। दुनियाभर में अबतक 537,049 लोगों की मौत हो चुकी है कोरोना वायरस से।

अदृश्य कोरोना वायरस के सामने दुनिया के बड़े-बड़े देश बेबस नजर आ रहे हैं, अभी तक कोई भी देश कोरोना वायरस को ख़त्म करनें वाली वैक्सीन नहीं बना पाया है। कुछ देशों इजराइल, ब्रिटेन, नीदरलैंड ने वैक्सीन बनाने का दावा किया था, लेकिन वैक्सीन के क्या परिणाम आये इसकी कोई भी जानकारी मीडिया में नहीं आई। हालाँकि बड़े-बड़े शक्तिशाली देशों के वैज्ञानिक कोरोना पर लगातार रिसर्च कर रहे हैं। जिसमें भारत भी शामिल है।

इन सब के बीच 32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या जोर से बोलने के दौरान निकले छोटे कण लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। सभी वैज्ञानिकों ने इस बाबत विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को एक पत्र भी लिखा है साथ ही अपनें दावों को मजबूत बनानें के लिए सबूत भी दिए हैं।

32 देशों के 239 वैज्ञानिकों ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन को लिखे खुले पत्र में कहा है कि प्रमाण दर्शाते हैं कि हवा में मौजूद छोटे कण लोगों को संक्रमित कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने WHO से दिशानिर्देश बदलनें की मांग की है।

अगर वैज्ञानिकों का दावा सही है तो लोगों को और सावधानी बरतनें की आवश्यकता है, क्योंकि भारत समेत ज्यादातर देशों में अब लॉकडाउन में अच्छी-खासी ढील दे दी गई है। क्योंकि कोरोना से लड़ने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाना जरुरी है जो महीनों भर लगे सम्पूर्ण लॉकडाउन के कारण पटरी से उतर गयी है।

ऐसे में अब लोगों की जिम्मेदारी बढ़ गई है की वो अगर सार्वजनिक स्थानों पर जाते हैं या ट्रेन-बस में यात्रा करते हैं तो मॉस्क का इस्तेमाल जरूर करें, लगातार सैनिटाइज करते रहें और सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखें। जरा सी लापरवाही कोरोना की भट्ठी में झोंक सकती है।

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