लालू यादव की समर्थक हैं कॉन्स्टेबल सुनीता यादव, वायरल हुए PM मोदी के खिलाफ किये गए आपत्तिजनक ट्वीट

सूरत, 13 जुलाई: 1-2 दिनों से कॉन्स्टेबल सुनीता यादव का नाम चर्चा में हैं, कुछ मीडिया वाले सुनीता यादव को लेडी सिंघम करार दे रहे हैं, लोग सुनीत यादव के समर्थन में कैम्पेन चला रहे हैं, पहले पूरा मामला समझ लीजिये।

दरअसल सूरत में बीते शुक्रवार को रात साढ़े 10 बजे के करीब मंत्री के बेटे कई समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे, घूम रहे थे या किसी जरुरी काम से कहीं जा रहे थे, ये जांच का विषय है, इसी दौरान वर्दी का पॉवर दिखाते हुए कॉन्स्टेबल सुनीता यादव ने उन्हें रोक लिया और उनसे पूछा कि वो कर्फ्यू के दौरान कहां घूम रहे हैं, मास्क क्यों नहीं लगाया है? वैसे कोरोना को देखते हुए बिना मॉस्क लगाए निकलना खुद के लिए ही हानिकारण हो सकता है। इसलिए मॉस्क जरूर लगाएं।

बिना मॉस्क लगाए घुमनें के आरोप में पकडे गए लड़कों ने मंत्री के बेटे को फोन किया, जिसके बाद मंत्री का लड़का अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया। गाड़ी में पिता का नाम और विधायक पद लिखा था, इसके बाद कॉन्स्टेबल सुनीता यादव मंत्री के बेटे से भी भिड़ गई। मंत्री के लड़के से पूछती है कि वो विधायक की गाड़ी लेकर क्यों घूम रहे हैं जबकि गाड़ी में तो विधायक है ही नहीं? बता दें कि बहुत से ऐसी गाड़ियां रोड पर मिल जाएंगी जिसपर सांसद, मंत्री विधायक लिखा रखता है लेकिन रहते नहीं हैं।

गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानाणी ने कॉन्स्टेबल सुनीता यादव पर आरोप लगाया है कि उन्होनें बेटे के साथ बदतमीजी भी कि, पूरा मामला सामने आने के बाद विपक्षी दल कॉन्स्टेबल सुनीता यादव के समर्थन में खड़े होकर भाजपा सरकार पर निशाना साधनें लगे।

वैसे कानून का पालन करना हम सबका नैतिक कर्तव्य है, लेकिन कॉन्स्टेबल सुनीता यादव जो आज कानून की दुहाई दे रही हैं वो खुद ऑनड्यूटी गैरकानूनी ट्वीट्स कर चुकी हैं, मामला हाईलाइट होनें के बाद सुनीता यादव यादव चर्चा में आ गई, चर्चा आनें के बाद लोग सोशल मीडिया पर उनको खोजने लगे। खोज के दौरान सुनीता यादव का ट्विटर अकाउंट मिला।

सुनीता यादव के ट्वीट्स देखनें के बाद साफ़ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वो कटटर मोदी विरोधी हैं और लालू यादव की समर्थक हैं। जी हाँ! सुनीता लालू यादव के रिहाई वाली कैम्पेन में भी शामिल हो चुकी हैं। हालाँकि सुनता यादव ने अपनें ट्वीट्स डिलीट कर दिए हैं लेकिन स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

सुनीता यादव ने भारत-चीन के मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा था, जहाँ सरेंडर हुए नरेंदर वो गलवान हमारा है, 20 जवानों की शहादत का जिम्मेदार कौन है, क्यों तथाकथित 56 इंची इसपर मौन है। दूसरे ट्वीट में सुनीता लिखती हैं, इतिहास गवाह है निकम्मी औलादें अपने पुरखों की विरासत बेंच देती हैं, रेलवे के निजीकरण को लेकर सुनीता ने इस ट्वीट के माध्यम से पीएम मोदी पर निशाना साधनें की कोशिस की।

सुनीता यादव ने अपने ट्वीट में लिखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, रेलवे का निजीकरण करके आरक्षण और सरकारी नौकरी ख़त्म करना बाद करो। सरकार के इस निजीकरण के निर्णय से देशभर का रेलवे कर्मचारी और रेलवे की तैयारी करने वाले बेरोजगार युवा बेहद गुस्से में हैं, यह निर्णय बिल्कुल असहनीय हैं। बता दें कि केंद्रीय रेलमंत्री पियूष गोयल ने साफ़ शब्दों में कहा है कि रेलवे का कोई निजीकरण नहीं किया जा रहा है।

इसके अलावा सुनीता यादव लालू यादव के समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर चलाये गए “रिलीज लालू यादव कैम्पेन” में भी शामिल हो चुकी हैं। जिस व्यक्ति को कोर्ट ने भ्रस्टाचार के आरोप में सजा सुनाई हो, सोशल मीडिया पर कॉन्स्टेबल सुनीता यादव उसकी रिहाई की मांग करती हैं और सड़क पर खड़ी होकर कानून की दुहाई देती है।

बताया जा रहा है कि सुनीता यादव ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं दूसरी तरफ सूरत के पुलिस कमिश्नर राजेंद्र ब्रह्मभट्ट ने इस मामले की जांच एसीपी सीके पटेल को सौंप दी है।

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