कानपुर शूटआउट: शहीद CO का पत्र सामनें आनें के बाद पुलिस करनें लगी ये तैयारी

कानपुर, 7 जुलाई: कानपुर के बिकरू गाँव में आठ पुलिसवालों की ह्त्या के मामलें में अब रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं, अभी तक जो खुलासे हुए हैं उसमें कुछ पुलिसवालों और बदमाश विकास दुबे के मिलीभगत की ओर साफ इशारा करता है, इसी बीच शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा की एक चिट्ठी सामने आई है। जिसमें चौबेपुर थानें के सस्पेंडेड एसओ विनय तिवारी और विकास दुबे के संबंधों का दावा किया गया है। इस चिट्ठी के सामनें आनें के बाद विभाग पर ही सवालिया निशान खड़े होनें लगे है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहीद सीओ की चिट्ठी सामनें आने के बाद अब अधिकारियों को बचानें के लिए नया खेल शुरू कर दिया गया है, बताया जा रहा है कि शहीद CO देवेंद्र के पत्र को फ़र्ज़ी बताने की तैयारी चालू ,पत्र गायब है, मिला नहीं, फेक है, टाइप की पटकथा लिखी जा रही है..? अधिकारी इसमें कितना सफल होते हैं ये तो वक्त ही बतायेगा। जानकारी के अनुसार, शहीद CO के मोबाइल से उनकी बेटी ने मीडिया को पत्र दिये हैं!! इसलिए इस पत्र को आसानी से फेक नहीं बताया जा सकता है।

बता दें कि मार्च महीने में यह चिट्ठी बिकरू गाँव में शहीद क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा की ओर से तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को लिखी गई थी। इसमें कहा गया, 13 मार्च को विकास दुबे के खिलाफ एक मामला पंजीकृत हुआ था। जिसमें विवेचना करने वाले अधिकारी ने धारा बदल दी थी। पत्र में सीओ मिश्रा ने लिखा है कि धारा बदलने के बारे में पूछने पर विवेचक ने बताया कि थानाध्यक्ष के कहने पर धारा हटाई गई है।

शहीद सीओ मिश्रा ने एसएसपी को लिखी चिट्ठी में कहा था कि ऐसे दबंग कुख्यात अपराधी के खिलाफ थानाध्यक्ष द्वारा कार्रवाई नहीं करना और सहानुभूति बरतना संदिग्ध है। यदि थानाध्यक्ष ने अपनी कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं किया तो गंभीर घटना हो सकती है।

गौरतलब है कि विकास दुबे के साथ संबंधों का खुलासा होनें के बाद चौबेपुर थानें के थानाध्यक्ष विनय कुमार तिवारी को सस्पेंड कर दिया और एसटीएफ ने अपनीं हिरासत में ले लिया। इसके अलावा चौबेपुर थानें के तीन और पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया, कुल मिलाकर पूरा चौबेपुर थाना ही संदेह के घेरे में हैं।