एप बैन होनें के बाद दर्द से बिलबिला रहा है चीन, भारत से लगाई गुहार

नई दिल्ली, 13 जुलाई: केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सोमवार ( 29 जून 2020 ) को टिक-टॉक समेत 59 चाइनीज एप पर बैन लगा दिया। इसमें प्रमुख रूप से टिक-टॉक, हेलो, यूसी ब्राउजर, वी चैट समेत 59 चाइनीज एप शामिल हैं। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया जब LAC पर चीन के साथ तनातनी चल रही है।

भारत में चीनी ऐप बैन होनें के बाद चीन दर्द से बिलबिला रहा है, भारत और चीन के बीच हाल में ही हुई डिप्लोमेटिक लेवल की बातचीत के दौरान चीन ने इसे लेकर आपत्ति जाहिर की। जिसके जवाब में भारत ने साफ किया कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों को देखते हुए की गई है। भारत नहीं चाहता कि उसके नागरिकों से जुड़े डेटा के साथ छेड़छाड़ हो।

बता दें कि केंद्र की मोदी सरकार ने न सिर्फ चीनी एप बैन किये बल्कि बहुत बड़ी आर्थिक चोट भी दी है, इसको खुद चीन ने भी स्वीकार लिया है, चीन के सरकारी अख़बार ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया है कि सिर्फ टिक-टॉक बैन होनें से 6 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा।

अब आप खुद सोंचिये सिर्फ टिक-टॉक बैन होनें से चीन को 6 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा। शेष 58 एप को मिलाकर चीन को कितनी घातक चोंट पहुंची है। एक बात साफ़ हो गई है कि बड़े पैमाने पर चीनी वस्तुओं के बहिष्कार से चीन को बड़ी आर्थिक हानि पहुंचाई जा सकती है और साथ ही हमारे देश के वीर जवानों की जान भी बचेगी।

चीन के विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने भारत के चीनी ऐप्स पर बैन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘चीन को काफी चिंता है और वह स्थिति की समीक्षा कर रहा है।

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