गली के गुंडों जैसा है शी जिनपिंग का आचरण, अब ड्रैगन की गर्दन पकड़कर गटर में डाल देना चाहिए

लद्दाख, 23 जुलाई: भारत और चीन के बीच पिछले कई हफ़्तों से लद्दाख में लाइन ऑफ अक्चुअल कण्ट्रोल ( LAC ) पर विवाद जारी है, चीन पहले खुद ही बातचीत की पेशकश करता है और मामलें को शांति से सुलझानें की सिफारिश करता है लेकिन यही धोखेबाज चीन LAC पर हजारों सैनिक तैनात कर देता है और भारत की जमीन पर कब्जा करनें की नापाक कोशिश करता है।

चीन की ये हरकत देखकर ऐसा लगता है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का आचरण किसी गले के गुंडे से कम नहीं है, अपने गंदे मंसूबों के चलते चीन दुनियाभर में अपनी थू-थू करा रहा है, फिलहाल चीन इस समय चौतरफा घिरा हुआ है, सबको आँखे दिखा रहा है, अब समय आ गया है कि ड्रैगन की गर्दन को पकड़कर गटर में डाल देना चाहिए ताकि चीन का गुरुर चकनाचूर हो जाए।

बता दें कि भारत के साथ सैन्य स्तर की बातचीत के दौरान चीन ने जो वादे किये थे अब उससे मुकर रहा है, खैर धोखा तो चरित्र है, ड्रैगन के डीएनए में है, चीन LAC से अपने सैनिकों को नहीं हटा रहा है। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पेइचिंग अपने वादे से पीछे हट रहा है।

उल्लेखनीय है कि लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात भारत और चीनी सेना के झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हुए थे जबकि चीन के 50 से ज्यादा सैनिक मारे गए थे। इस खूनी झड़प के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया। फिर बाद में दोनों देशों ने तनाव कम करने के लिए कई दौर की सैन्य बातचीत की। इन बैठकों में कई वादे करने के बाद भी चीन उसे पूरा नहीं कर रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने अपने सैनिकों को हटाने की कोई मंशा नहीं दिखाई है। LAC पर 40 हजार सैनिक भारी हथियारों के साथ अभी बरकरार हैं, चीनी सेना लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों के साथ तैनात हैं। 14-15 जुलाई को दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी थी कि दोनों पक्ष सैनिकों को पीछे हटाएंगे। लेकिन चीन सीधे-सीधे अपने वादे से मुकर रहा है। और कभी भी धोखा कर सकता है।

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